चाईबासा रिपोर्टर
पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गुवा क्षेत्र के 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले चल रही भूख हड़ताल शनिवार 18 अप्रैल को सुबह 8:00 बजे बेनतीजा ही समाप्त हो गई। तीन दिनों तक चले इस आंदोलन के दौरान न तो गुवा प्रशासन और न ही सेल प्रबंधन की ओर से कोई अधिकारी वार्ता के लिए मौके पर पहुंचा। इससे आंदोलनरत ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद आयोजित बैठक में मुंडा-मानकी एवं ग्रामीणों ने आगे की रणनीति तय की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 अप्रैल, सोमवार को सुबह 4:00 बजे से सेल के जीरो प्वाइंट से लेकर बंकर क्षेत्र तक चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान खदान क्षेत्र में होने वाले डिस्पैच को पूरी तरह ठप करने की योजना बनाई गई है। साथ ही खदान में कार्यरत बसों के परिचालन को भी बाधित कर उत्पादन को प्रभावित करने की चेतावनी दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रबंधन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आंदोलन को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का भी समर्थन प्राप्त है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को प्रस्तावित चक्का जाम कार्यक्रम में मधु कोड़ा स्वयं शामिल होकर मुंडा-मानकी एवं ग्रामीणों का नेतृत्व करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे और उग्र रूप दिया जा सकता है।




