
हैदराबाद : तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर रूपा रेड्डी की हत्या के मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसी स्कूल की 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों ने रूपा रेड्डी की हत्या के बाद करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर फरार होने की कोशिश की थी। मामले की जांच में सामने आई घटनाओं ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है।
चोरी कर पकड़े जाने के बाद बना हत्या का प्लान
पुलिस के मुताबिक, घटना से करीब 15 दिन पहले दोनों छात्रों में से एक को स्कूल प्रिंसिपल और कुछ स्टाफ सदस्यों ने कथित तौर पर एक बैग में मोबाइल फोन और नकदी ले जाते हुए पकड़ लिया था। उसे डांट लगाई गई और बाद में रूपा रेड्डी ने उसे हॉस्टल से हटाकर नियमित कक्षा में शामिल करने का फैसला किया था।
जांचकर्ताओं का दावा है कि इस घटना के बाद छात्र के मन में प्रिंसिपल के प्रति नाराजगी पैदा हुई। पुलिस को शक है कि इसी के बाद दोनों ने रूपा के घर को निशाना बनाने की योजना तैयार की।
पांच दिन पहले रची गई थी साजिश
पुलिस के अनुसार, हत्या से करीब पांच दिन पहले दोनों छात्रों ने कथित तौर पर वारदात की योजना बनाई। इसमें प्रिंसिपल के घर में घुसने, नकदी चोरी करने और सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन का पता लगाने की तैयारी शामिल थी।
11 अगस्त को एक छात्र कथित तौर पर घर के कंपाउंड की दीवार फांदकर अंदर पहुंचा, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता रहा। घर के अंदर पहुंचने के बाद छात्र ने कथित तौर पर नकदी ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान रूपा रेड्डी ने उसे देख लिया।
‘बाबू’ शब्द बना जांच की अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले रूपा रेड्डी अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं। फोन बंद होने से कुछ देर पहले उन्होंने बातचीत के दौरान ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल किया था। यह बातचीत पुलिस के लिए अहम सुराग बनी।
11 अगस्त को रूपा रेड्डी घर में अकेली थीं। बाद में वह मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस के अनुसार, उनके शरीर पर चाकू से 27 वार किए गए थे। हत्या के बाद आरोपी छात्र कथित तौर पर करीब 2.5 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए।
हत्या के बाद अचानक खर्च करने लगे पैसे
जांच में पुलिस को दोनों छात्रों पर शक तब गहराया, जब हत्या के बाद वे अचानक काफी पैसे खर्च करने लगे और दोस्तों के साथ पार्टी करने लगे। नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार के अनुसार, इसी व्यवहार ने जांच की दिशा बदल दी और दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने एक आरोपी के पास से करीब 1.51 लाख रुपये नकद और एक आईफोन बरामद करने की बात कही है। पुलिस का दावा है कि नकदी की फोरेंसिक जांच में मानव रक्त के निशान भी मिले हैं।
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद दोनों छात्रों ने कथित तौर पर अपने पहने हुए कपड़े एक नाले में फेंक दिए। पुलिस ने दोनों को पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह, दोनों छात्रों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी उसी स्कूल के छात्र हैं, जहां मृतका प्रिंसिपल और डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थीं।

