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जमशेदपुर के पटमदा प्रखंड स्थित कांकु गांव में प्रस्तावित स्टोन क्रशर और खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गया है। जहां एक ओर कुछ ग्रामीण पर्यावरण और जनजीवन पर संभावित प्रभाव का हवाला देते हुए परियोजना का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और रैयत परिवारों ने उद्योग के समर्थन में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
उद्योग समर्थक ग्रामीणों का कहना है कि कांकु और आसपास का क्षेत्र आर्थिक रूप से पिछड़ा है तथा रोजगार के सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में युवाओं को महानगरों की ओर पलायन करना पड़ता है। उनका मानना है कि प्रस्तावित स्टोन क्रशर और खनन उद्योग शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिल सकेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, 33 रैयत परिवारों ने अपनी जमीन उद्योग स्थापना के लिए उपलब्ध कराई है। उनका कहना है कि उद्योग के आने से न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
समर्थन में उतरे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व निजी स्वार्थ के कारण परियोजना का विरोध कर रहे हैं और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से परियोजना को आगे बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है।
साथ ही ग्रामीणों ने उद्योग क्षेत्र तक जाने वाले मार्गों के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
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