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मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। सोमवार को बाजार खुलते ही भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,018 अंक टूटकर 72,565 पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी 269 अंक गिरकर 22,549 के स्तर पर आ गया। लगातार गिरते बाजार ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
इस बीच आरबीआई के सख्त कदम का असर रुपये पर देखने को मिला है। बैंकों की विदेशी मुद्रा स्थिति सीमा को कड़ा करने के बाद रुपया 1.3 फीसदी मजबूत होकर 93.59 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए लिया गया है।
वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल बना हुआ है। अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां डॉऊ जोन्स 793 अंक, एसएंडपी 500 108 अंक और नैस्डैक 459 अंक टूटकर बंद हुआ। टेक सेक्टर के दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव, यमन के हौथी विद्रोहियों की एंट्री और होर्मुज स्ट्रेट पर मंडराता खतरा वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर रहा है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है।
ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 102 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई और आर्थिक दबाव की आशंका को और बढ़ा दिया है।
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