
सरायकेला: चांडिल अनुमंडल के राजकीय मध्य विद्यालय चौलीवासा में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर विवाद सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की सदस्य सह शिक्षिका रीना भुईयां ने आरोप लगाया है कि स्कूल की समस्याओं को उठाने पर उन्हें पढ़ाने से रोक दिया गया। रीना का कहना है कि शिक्षकों की कमी को देखते हुए ग्रामीणों और SMC की सहमति से उन्होंने पिछले छह महीने तक बिना किसी मानदेय के कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाया था।
रीना ने आरोप लगाया कि स्कूल में पेयजल, शौचालय, चारदीवारी, बिजली और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनका दावा है कि बच्चे पानी पीने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं के समाधान की मांग करने के बाद प्रभारी शिक्षक ने उन्हें कक्षा लेने से मना कर दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं और यदि कोई निशुल्क पढ़ाना चाहता है तो उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्कूल में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
रीना भुईयां ने उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत देने की बात कही है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी स्कूल में आवश्यक सुविधाएं बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका। हालांकि, चांडिल के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
