
जमशेदपुर: गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए टीम पीएसएफ का सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) रक्तदान अभियान लगातार जीवनदायी साबित हो रहा है। इसी कड़ी में टीम पीएसएफ ने 1871वां एसडीपी रक्तदान सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान छह रक्तदाताओं ने एसडीपी रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एसडीपी रक्तदान सामान्य रक्तदान से अलग प्रक्रिया है। जहां सामान्य रक्तदान में करीब 10 मिनट का समय लगता है, वहीं एसडीपी रक्तदान में 40 मिनट से एक घंटे तक का समय लगता है। इस प्रक्रिया में रक्तदाता के प्लेटलेट्स स्तर, वजन, लंबाई और अन्य स्वास्थ्य मानकों की विस्तृत जांच के बाद ही रक्तदान कराया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार एसडीपी रक्त कैंसर, डेंगू और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी होता है, जिनके शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घट जाती है।
इस अभियान में वरुण नंदी, रवि शंकर पात्रों, शुभेंदु मुखर्जी, धीरज कुमार, सुब्रतो रॉय और कुमारेस हाजरा ने एसडीपी रक्तदान किया। टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने बताया कि संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक एसडीपी रक्तदाताओं का नेटवर्क तैयार कर जरूरतमंद मरीजों तक समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध कराना है। रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर ब्लड सेंटर के जीएम संजय चौधरी, डॉ. लव बहादुर सिंह, डॉ. पुष्पा तिवारी, डॉ. निर्जला झा, तकनीशियन सुबीर बनर्जी और उत्तम कुमार गोराई समेत कई लोग मौजूद रहे।