
धनबाद : धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में बुधवार की शाम एक बार फिर जमीन धंसने की घटना ने इलाके में दहशत पैदा कर दी। भू-धंसान की चपेट में आकर करीब आधे दर्जन घर जमींदोज हो गए, जबकि लगभग 55 घरों पर संकट बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से करीब 500 लोग प्रभावित हुए हैं।
बार-बार धंस रही जमीन, घरों में बढ़ा डर
घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन में दरारें आने और लगातार धंसान के कारण अब उन्हें अपने घरों में रहने में डर लग रहा है। घटना स्थल के आसपास सड़क पर भी दरारें दिखाई दे रही हैं।
7 जुलाई और 7 अगस्त को भी धंसी थी जमीन
छाताबाद में भू-धंसान की यह पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी इसी इलाके में जमीन धंसी थी। पिछली घटनाओं के बाद जिन परिवारों को सामुदायिक भवन में अस्थायी रूप से रखा गया था, वह भवन भी अब भू-धंसान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
सामुदायिक भवन भी टूटा, सुरक्षित ठिकाने का संकट
लगातार भू-धंसान के कारण प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछली घटनाओं के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाए और भू-धंसान वाले इलाके में भराई का काम कराया जाए।
BCCL पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप
प्रभावित परिवारों ने BCCL पर समझौते के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों का उचित पुनर्वास किया जाए और जमीन धंसने वाले क्षेत्र में तत्काल भराई कराई जाए।
स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन के अनुसार, इस घटना से करीब 500 लोग प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि लंबे आंदोलन के बाद BCCL प्रबंधन ने पुनर्वास, जगह का सर्वे और प्रभावित इलाके में भराई का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मौके पर पहुंचे सीओ, सुरक्षित जगह भेजने का निर्देश
घटना की सूचना मिलने पर बाघमारा के सीओ गिरजानंद किस्कू मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की बात कही। सीओ के अनुसार, प्रभावित लोगों को फिलहाल सुरक्षित जगह पर ले जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद BCCL प्रबंधन के साथ बैठक कर समस्या के समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार हो रहे भू-धंसान ने छाताबाद के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों को राहत और स्थायी पुनर्वास की उम्मीद है।











