
सीतामढ़ी : जिला परिषद पति बैजनाथ महतो हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के नामजद मुख्य आरोपी त्रिभुवन को पुलिस ने रातभर चले विशेष अभियान के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए गन्ने के घने खेत में छिपा हुआ था। उसकी तलाश में ड्रोन कैमरे की मदद ली गई और पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। हालांकि, दूसरा नामजद आरोपी एजाज अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
गुप्त सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात पुलिस को तकनीकी माध्यमों और गुप्त सूचना से पता चला कि हत्याकांड के नामजद आरोपी एजाज तथा त्रिभुवन कैशरिया चौर के आसपास मौजूद हो सकते हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए कई विशेष पुलिस टीमों को तुरंत इलाके में भेजा गया। संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाते हुए आसपास के क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया।
घेराबंदी के दौरान मिली बाइक
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने चौर के पास से आरोपियों की बताई जा रही एक बाइक बरामद की। पुलिस का दावा है कि दबिश की भनक लगते ही दोनों आरोपी अंधेरे और घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों की ओर भाग गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने रातभर खेतों और आसपास के जंगलनुमा इलाके में खोज अभियान चलाया।
ड्रोन कैमरे से खेतों की निगरानी
गन्ने की फसल काफी ऊंची और घनी होने के कारण जमीन से तलाशी लेने में परेशानी आ रही थी। ऐसे में पुलिस ने ड्रोन कैमरे की सहायता से खेत के भीतर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित निकास वाले रास्तों पर तैनात रहीं, ताकि आरोपी घेराबंदी तोड़कर भाग न सकें। लगातार चले अभियान के बाद बुधवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने मुख्य आरोपी त्रिभुवन को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी हत्याकांड में उसकी कथित भूमिका, घटना के पीछे की वजह और फरारी के दौरान उसे मिली मदद के संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं।
एजाज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
दूसरे नामजद आरोपी एजाज की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि वह भी चौर, गन्ने के खेतों या आसपास के किसी इलाके में छिपा हो सकता है। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के अनुसार फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।











