
पीटीआई, नागोया : ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर के लिए एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह बेहद खास और भावुक करने वाला रहा। कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत के साथ भारतीय दल की ध्वजवाहक बनकर मैदान में उतरीं मनु को इस दौरान अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की याद आ गई। हाथ में तिरंगा लिए भारतीय दल का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान का क्षण था, लेकिन गुरु की अनुपस्थिति ने उनकी आंखें नम कर दीं।
ध्वजवाहक बनना बना यादगार पल
उद्घाटन समारोह के बाद मनु भाकर ने कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपने कोच की बहुत याद आई। उन्होंने बताया कि जसपाल राणा उनके मार्गदर्शक होने के साथ-साथ उनके खेल जीवन की सबसे मजबूत प्रेरणाओं में से एक थे। उनके साथ नहीं होने के कारण यह खास दिन और भी भावुक बन गया। मनु ने कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय तिरंगा थामकर समारोह में हिस्सा लिया। भारतीय दल की अगुवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका
मनु भाकर के निशानेबाजी करियर को ऊंचाई तक पहुंचाने में जसपाल राणा का अहम योगदान माना जाता है। उनके प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में मनु ने अपनी तकनीक, एकाग्रता और मानसिक मजबूती पर विशेष काम किया। पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु ने दो कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रचा था। वह स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनी थीं। जसपाल राणा का 12 जून को 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। इसके बाद से मनु कई मौकों पर अपने कोच के योगदान को याद कर चुकी हैं।
कोच की सलाह ने बदली सोच
मनु ने बताया था कि बड़े खेल आयोजनों के उद्घाटन समारोह को लेकर भी जसपाल राणा ने उन्हें महत्वपूर्ण सलाह दी थी। कोच का मानना था कि खिलाड़ी को समारोह में तभी शामिल होना चाहिए, जब वह ध्वजवाहक हो। अन्य परिस्थितियों में खिलाड़ी को प्रतियोगिता की तैयारी और अपनी स्पर्धाओं पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उद्घाटन के तुरंत बाद मुकाबले शुरू हो सकते हैं। वर्ष 2018 में हुए अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में मनु शामिल नहीं हुई थीं। उस समय वह जकार्ता से दूर पालेमबांग में मुख्य खिलाड़ियों के गांव में मौजूद थीं। बाद में उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में भाग लिया था।
अब निशानेबाजी मुकाबलों पर नजर
अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रहीं मनु भाकर अब निशानेबाजी स्पर्धाओं में भारत के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में चुनौती पेश करेंगी। ध्वजवाहक के रूप में मिला सम्मान और गुरु की सीख उनके अभियान को नई प्रेरणा दे सकती है।











