
नोएडा : वर्ष 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत होने की खबर सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में दी गई इस जानकारी की किसी आधिकारिक सरकारी अथवा पुलिस स्रोत से स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। इसलिए इसे प्रकाशित करते समय संबंधित प्रशासन का आधिकारिक बयान अवश्य जोड़ा जाना चाहिए। निठारी मामला करीब दो दशक पहले तब देशभर में चर्चा का विषय बना था, जब नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों के लापता होने के मामलों की जांच के दौरान मानव अवशेष बरामद किए गए थे। इस प्रकरण में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली के खिलाफ अपहरण तथा हत्या सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।
लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई
मामले की जांच और अदालती सुनवाई कई वर्षों तक चली। निचली अदालतों ने अलग-अलग मामलों में सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में उच्च अदालतों में सुनवाई के दौरान जांच प्रक्रिया, साक्ष्यों की विश्वसनीयता और वैज्ञानिक प्रमाणों को लेकर कई सवाल सामने आए। वर्ष 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर कोली तथा पंढेर को कई मामलों में बरी कर दिया था। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कोली की क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए शेष मामले में भी दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया। अदालत ने जांच और साक्ष्य-प्रक्रिया में गंभीर कमियों की ओर संकेत किया था।
सबूतों की कमी बनी मामले का निर्णायक पहलू
इस पूरे प्रकरण में फॉरेंसिक जांच, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने की प्रक्रिया पर अदालतों में व्यापक चर्चा हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सामग्री आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी गई। इसी आधार पर अलग-अलग अदालतों से कोली को राहत मिलती गई और अंततः अंतिम मामले में भी उसे बरी कर दिया गया।
पीड़ित परिवारों के सवाल अब भी कायम
निठारी कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लंबे न्यायिक सफर और आरोपियों के बरी होने के बावजूद पीड़ित परिवारों के लिए कई प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं। अब कोली की मौत की खबर ने इस प्रकरण को दोबारा चर्चा में ला दिया है। पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद ही मृत्यु की परिस्थितियों से संबंधित कोई निष्कर्ष प्रकाशित करना उचित होगा।











