
रांची : सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने रिश्वत के मामले में पूर्व-मध्य रेलवे के दो तत्कालीन अधिकारियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर ₹10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सजा पाने वालों में असिस्टेंट मैटेरियल मैनेजर केके झा और सीनियर डीएमएम राजेश्वरी सिंह शामिल हैं।
बकाया बिल के भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत
मामला वर्ष 2018 का है। रेलवे ठेकेदार नरेश कुमार सिंह ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप था कि बकाया बिल के भुगतान के एवज में दोनों अधिकारियों ने ठेकेदार से कुल ₹62 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोप के मुताबिक, इसमें ₹45 हजार राजेश्वरी सिंह और ₹17 हजार केके झा को दिए जाने थे।
CBI ने पहले शिकायत का किया सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपित अधिकारियों को दोषी पाया।
जुर्माना नहीं दिया तो बढ़ेगी सजा
अदालत ने दोनों दोषियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास के साथ ₹10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोनों को तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह फैसला रेलवे में रिश्वतखोरी के मामलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश माना जा रहा है।











