दिल्ली में बड़ा हादसा: सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी 5 मंजिला इमारत, मलबे में 7 लोगों के दबे होने की आशंक

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में बारिश के बीच रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इमारत गिरते ही मचा हड़कंप, मौके पर पहुंची राहत टीम
जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी समेत अन्य मशीनों की मदद ली जा रही है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय करीब 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। राहत-बचाव अभियान के दौरान तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद 7 लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।
1:30 बजे फायर ब्रिगेड को मिली सूचना
जानकारी के अनुसार, दमकल विभाग को दोपहर करीब 1:30 बजे नानकपुरा गुरुद्वारे के पास पांच मंजिला इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। मलबे के बीच सावधानी से तलाश की जा रही है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।
बेसमेंट में चल रहा था काम, पीजी भी संचालित था
शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगभग 80 गज में बनी इस पांच मंजिला इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था। बताया गया है कि इमारत में पीजी भी संचालित हो रहा था।
इमारत अचानक गिरने के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और बचाव अभियान में पुलिस व राहत टीमों की मदद करने लगे।
NDRF की टीम भी मौके पर पहुंची
हादसे की गंभीरता को देखते हुए NDRF की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
बचाव दल मलबे को धीरे-धीरे हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहा है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है।
जानमाल के नुकसान की स्थिति पर नजर
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में अभी तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, मलबे में सात लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान बेहद अहम बना हुआ है।
प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे की वजह और इमारत की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच भी की जा रही है।











