
जमशेदपुर से तीन साल के मासूम आर्यन महानंद के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बच्चे को मुंबई ले जाकर हाजी अली दरगाह के आसपास भीख मंगवाने की कथित योजना बनाई गई थी। जमशेदपुर पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए खड़गपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।
जमशेदपुर: बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से तीन वर्षीय मासूम आर्यन महानंद के अचानक लापता होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बच्चे की मां कुंती महानंद की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।
मुंबई ले जाने की थी कथित तैयारी
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी असलम खान बच्चे को अपने साथ लेकर पश्चिम बंगाल की ओर निकल गया था। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसकी योजना बच्चे को मुंबई ले जाने की थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुंबई के हाजी अली दरगाह इलाके से परिचित था। उसने कथित तौर पर बच्चे को वहां ले जाकर भीख मंगवाने की योजना बनाई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में आरोपी अकेला था या उसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह भी सक्रिय था।
तकनीकी जांच से मिला आरोपी का सुराग
बच्चे के गायब होने के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की। सुराग मिलने के बाद जमशेदपुर पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया।
इसके बाद खड़गपुर स्टेशन के पास पुलिस ने घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान आरोपी असलम खान को पकड़ लिया गया और उसके कब्जे से मासूम आर्यन को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस की यह कार्रवाई घटना के कुछ ही घंटों के भीतर हुई, जिससे बच्चे को मुंबई ले जाने की कथित योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी सामने आई है। उसके खिलाफ गोलमुरी थाना क्षेत्र में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2000 में गोलमुरी थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में भी आरोपी जेल जा चुका है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के मुंबई से जुड़े संपर्कों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को भीख मंगवाने या उन्हें दूसरे शहरों में ले जाने वाले किसी गिरोह से आरोपी का संबंध है या नहीं।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से बचा मासूम
इस कार्रवाई में बर्मामाइंस थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद, पुलिस अवर निरीक्षक दुर्गा कृष्ण महतो और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण मासूम को सुरक्षित बरामद कर परिवार को सौंपने की प्रक्रिया की गई।
मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी साजिश और उसके संभावित संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।











