
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट में आठ नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति को मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के कुछ दिनों बाद की गई इन नियुक्तियों से कई महत्वपूर्ण हाईकोर्ट के शीर्ष पदों पर बदलाव हुआ है। इस फेरबदल में जम्मू-कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान तक कई हाईकोर्ट शामिल हैं।
कई बड़े हाईकोर्ट को मिले नए प्रमुख
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इन नियुक्तियों की जानकारी साझा की। उनके अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस वल्लीरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है।
वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र वी. घुगे अब कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे। इसी तरह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महाराष्ट्र से राजस्थान तक बदले न्यायिक नेतृत्व
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा अब इसी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे।
ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्णा राम मोहापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। वहीं गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की कमान दी गई है।
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट को भी मिला नया चीफ जस्टिस
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायिक नेतृत्व में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
आठ नियुक्तियों से बदली हाईकोर्ट की तस्वीर
केंद्र सरकार की ओर से घोषित नियुक्तियों की सूची के मुताबिक-
- जस्टिस वल्लीरी कामेश्वर राव : पटना हाईकोर्ट
- जस्टिस रविंद्र वी. घुगे : कलकत्ता हाईकोर्ट
- जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल : राजस्थान हाईकोर्ट
- जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी : बॉम्बे हाईकोर्ट
- जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- जस्टिस कृष्णा राम मोहापात्रा : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
- जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगे : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
- जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी : जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट
इन नियुक्तियों को न्यायपालिका के शीर्ष स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र की मंजूरी मिलने से अब संबंधित हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश कार्यभार संभालेंगे।











