
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में शनिवार को संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी भारत को कमजोर अर्थव्यवस्था वाले देशों की श्रेणी में रखते थे, वे आज देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि पर सवाल उठा रहे हैं।
भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार यह पिछले साल की समान तिमाही के 6.9 प्रतिशत से अधिक है, हालांकि पिछली तिमाही के 8.6 प्रतिशत की तुलना में इसमें कुछ कमी आई है।
‘कमजोर 5’ में रखने वाले आज 7.8% पर सवाल उठा रहे
पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत को दुनिया के कमजोर देशों की सूची में रखा जाता था और देश की आर्थिक क्षमता पर संदेह किया जाता था। अब जब अर्थव्यवस्था मजबूत प्रदर्शन कर रही है तो वही लोग जीडीपी के आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने आलोचकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश की प्रगति से परेशान लोग लगातार नकारात्मकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपनी आर्थिक मजबूती साबित की है।
‘नाराज फूफा’ से विपक्ष पर तंज
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्षी दलों और आलोचकों की तुलना परिवार के ऐसे ‘नाराज फूफा’ और ‘चिरस्थायी चाचा’ से की, जिन्हें हर अच्छी बात में कमी नजर आती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की आदत हर सकारात्मक उपलब्धि में भी खामी निकालने की हो गई है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे लोग सरकार की लगभग हर नीति और पहल का विरोध करते रहे हैं। उनके मुताबिक, अब जनता उनके रवैये को समझ रही है।
‘दिमागी नक्सल’ पर फिर बोला हमला
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के लाल किले से दिए गए अपने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर ‘होम्योपैथी की गोली’ दी थी और इसके बाद ऐसे लोग खुलकर सामने आ गए।
यह टिप्पणी उनके 15 अगस्त के उस बयान के संदर्भ में थी, जिसमें उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इस बयान को लेकर विपक्ष और राजनीतिक हलकों में पहले से ही बहस चल रही है।
‘झूठ के अभियान’ के खिलाफ ‘सत्य की हुंकार’
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास और आर्थिक प्रदर्शन को लेकर गलत धारणा बनाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि ‘झूठ के अभियान’ के खिलाफ अंततः ‘सत्य की हुंकार’ ही विजयी होगी।
पीएम मोदी ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की वृद्धि का उल्लेख करते हुए इसे देश की आर्थिक मजबूती का संकेत बताया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि ने कई अनुमानों को पीछे छोड़ा है।
GDP के आंकड़ों पर सियासी घमासान तेज
7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि के आंकड़ों के बाद अब इसके आर्थिक और राजनीतिक मायनों को लेकर बहस तेज हो गई है। सरकार इसे भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का प्रमाण बता रही है, जबकि आलोचक सिर्फ एक तिमाही के आंकड़े के आधार पर दीर्घकालिक आर्थिक तस्वीर तय करने से सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं।
फिलहाल पीएम मोदी के ‘कमजोर 5’, ‘नाराज फूफा’ और ‘दिमागी नक्सल’ वाले तंज ने उनके भाषण को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।











