
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से जुड़ी राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उनके नाम वापस लेने से नंदीग्राम उपचुनाव का सियासी समीकरण बदल गया है।
नामांकन वापसी से ममता गुट की उम्मीदवार मैदान से बाहर
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। वह पेशे से शिक्षिका हैं। उन्होंने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लिया, जबकि नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। नंदीग्राम में मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
नामांकन से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
इस घटनाक्रम से पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके पारंपरिक फूल-घास वाले चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई थी। आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से अलग-अलग पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे हैं।
ममता से मुलाकात की भी सामने आई जानकारी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नामांकन वापस लेने से पहले संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नबन्ना में मुलाकात की थी। वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कुछ रिपोर्टों में उनके शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात का भी उल्लेख है। नामांकन वापस लेने के पीछे संचिता का आधिकारिक कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।
2021 में इसी सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने थे
नंदीग्राम बंगाल की राजनीति की महत्वपूर्ण सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था, जिसमें शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी। इस बार उपचुनाव शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद हो रहा है।
अब नंदीग्राम में मुकाबले पर नजर
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में आगे की तस्वीर पर निगाहें टिक गई हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर, मतदान 6 अक्टूबर और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।











