
मुंबई : नेटफ्लिक्स की लोकप्रिय एंथोलॉजी फ्रेंचाइजी ‘लस्ट स्टोरीज’ का तीसरा भाग दर्शकों के सामने आ गया है। चार अलग-अलग निर्देशकों की कहानियों वाली यह फिल्म आधुनिक रिश्तों, शादी, भरोसे और भावनात्मक दूरी को अलग नजरिए से प्रस्तुत करती है। हर कहानी की दुनिया और किरदार अलग हैं, लेकिन सभी का केंद्र बदलते संबंध और उनमें छिपी मानवीय उलझनें हैं।
चार कहानियां, एक साझा विषय
एंथोलॉजी की पहली कहानी विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बाद रिश्ते में आने वाली दूरी पर केंद्रित है। दूसरी कहानी भरोसे के टूटने और उसके बाद पैदा होने वाले भावनात्मक संघर्ष को दिखाती है। तीसरी कहानी पति-पत्नी के बीच बढ़ते तनाव और अलगाव के बावजूद बचे जुड़ाव को सामने लाती है। चौथी कहानी दर्शकों को पुराने दौर में ले जाकर प्रेम और संबंधों को अलग अंदाज में पेश करती है। इन कहानियों की खासियत यह है कि ये एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखती हैं, फिर भी इनका मूल विषय रिश्तों के भीतर छिपी इच्छाएं, असुरक्षाएं और संवाद की कमी है।
निर्देशन में अलग-अलग रंग
विक्रमादित्य मोटवानी ने विवाहित महिला की निजी दुनिया और बदलते संबंधों को संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है। किरण राव की कहानी आधुनिक जीवनशैली के बीच रिश्तों की उलझनों को हल्के और दिलचस्प अंदाज में सामने लाती है। शकुन बत्रा का निर्देशन भावनात्मक तनाव और शादी के भीतर टूटते भरोसे को गंभीरता से दिखाता है। वहीं विशाल भारद्वाज की कहानी सबसे अधिक प्रभाव छोड़ती है। पुराने दौर की पृष्ठभूमि, मजबूत वातावरण और किरदारों के बीच का तालमेल इसे बाकी कहानियों से अलग पहचान देता है।
कलाकारों का अभिनय बना मजबूत पक्ष
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों का अभिनय है। कोंकणा सेन शर्मा और राधिका आप्टे ने अपने किरदारों की जटिलता को प्रभावशाली ढंग से निभाया है। विजय वर्मा और अभिषेक बनर्जी कहानी को आवश्यक मजबूती देते हैं। राधिका मदान और अली फजल की सहज केमिस्ट्री कहानी के भावनात्मक पक्ष को संभालती है। गुरु फतेह पीरजादा और सान्या मल्होत्रा भी अपनी भूमिकाओं में विश्वसनीय नजर आते हैं। वहीं अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ की कहानी फिल्म का सबसे आकर्षक हिस्सा बनकर उभरती है।
यहां कमजोर पड़ती है फिल्म
चारों कहानियों का प्रभाव समान नहीं है। कुछ हिस्से रोचक और भावनात्मक हैं, जबकि कुछ का घटनाक्रम अनुमानित या उलझा हुआ महसूस होता है। सीमित अवधि के कारण कई किरदारों और उनके संघर्षों को पर्याप्त विस्तार नहीं मिल पाता। हालांकि संगीत, सिनेमैटोग्राफी और कलाकारों का प्रदर्शन इन कमियों को काफी हद तक संभाल लेते हैं।
कुल मिलाकर, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ रिश्तों की जटिलताओं पर बनी असमान मगर देखने योग्य एंथोलॉजी है।










