
देवघर : रांची-दुमका समेत कई ट्रेनों के सफर में समय लेने वाली रिवर्सल प्रक्रिया से राहत मिलने वाली है। पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल की जसीडीह रेल बाइपास परियोजना उद्घाटन के लिए तैयार है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को नई लाइन का उद्घाटन निर्धारित है। इसके चालू होने से इस मार्ग की संबंधित ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पहुंचकर दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रियों की सुविधा के साथ मालगाड़ियों के संचालन में भी सुधार की उम्मीद है।
उद्घाटन से पहले तैयारियों का जायजा
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय ने गुरुवार रात रेलवे अधिकारियों के साथ परियोजना और उद्घाटन की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआरएम तथा अन्य रेल अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण में नई व्यवस्था से होने वाले परिचालन संबंधी बदलावों पर ध्यान दिया गया। महाप्रबंधक ने बताया कि बाइपास शुरू होने के बाद संबंधित ट्रेनों का जसीडीह स्टेशन पर रिवर्सल नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों, दोनों के परिचालन को लाभ मिलेगा।
कुमड़ाबाद रोहिणी से देवघर का सीधा जुड़ाव
नई बाइपास लाइन जसीडीह के मुख्य स्टेशन को बाइपास करते हुए कुमड़ाबाद रोहिणी और देवघर को सीधे जोड़ती है। अब तक इस रास्ते से गुजरने वाली संबंधित ट्रेनों को आगे बढ़ने से पहले जसीडीह स्टेशन जाना पड़ता था। वहां दिशा बदलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेन अपनी अगली यात्रा शुरू करती थी। नई लाइन इस अतिरिक्त परिचालन प्रक्रिया को कम करेगी। रांची-दुमका समेत कई ट्रेनों के लिए सीधे गंतव्य की ओर बढ़ना संभव होगा। इससे मार्ग पर रेल संचालन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
इंजन के दूसरे छोर पर जाने में लगता था समय
पुरानी व्यवस्था में जसीडीह पहुंचने के बाद इंजन को ट्रेन के एक छोर से हटाकर दूसरे छोर पर जोड़ना पड़ता था। इसके बाद अनिवार्य ब्रेक परीक्षण किया जाता था। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने में समय लगता था और ट्रेन को आगे रवाना होने के लिए इंतजार करना पड़ता था।बाइपास के इस्तेमाल से संबंधित ट्रेनों को इस रिवर्सल प्रक्रिया से राहत मिलेगी। हालांकि, सफर में कितने मिनट की बचत होगी और किन ट्रेनों के समय में बदलाव होगा, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
मालगाड़ियों और व्यापार को भी फायदा
परियोजना का लाभ केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होने से क्षेत्र की औद्योगिक आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। आवश्यक सामान की ढुलाई अधिक सुगम होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सहायता मिल सकती है। संथाल परगना में बेहतर रेल संपर्क और परिचालन दक्षता के लिहाज से यह बाइपास महत्वपूर्ण है। अब उद्घाटन के बाद नई लाइन का उपयोग यात्रियों और माल परिवहन के लिए बेहतर सुविधा की दिशा में अहम कदम होगा।












