
रांची : झारखंड की बेटियां अब सिर्फ स्कूल-कॉलेज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उच्च शिक्षा में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की अखिल भारतीय सर्वेक्षण–2023-24 की रिपोर्ट में झारखंड को लेकर एक खास तस्वीर सामने आई है। राज्य में उच्च शिक्षा के लिए नामांकित छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है। यही वजह है कि छात्राओं के नामांकन के मामले में झारखंड देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हो गया है।
उच्च शिक्षा में बेटियों का बढ़ा दबदबा
रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड में सर्वेक्षण अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में करीब 4.5 लाख छात्र नामांकित थे, जबकि छात्राओं की संख्या लगभग 4.7 लाख रही। यानी कुल नामांकन में छात्राओं की संख्या छात्रों से करीब 20 हजार अधिक रही। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह झारखंड में उच्च शिक्षा के प्रति छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। खास तौर पर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर छात्राओं का नामांकन कई मामलों में छात्रों से अधिक दर्ज किया गया है।
स्नातक स्तर पर छात्राओं की संख्या सबसे ज्यादा
अखिल भारतीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में झारखंड के स्नातक स्तर पर 3,52,440 छात्राएं नामांकित थीं, जबकि छात्रों की संख्या 3,52,440? नहीं—रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार कुल स्नातक नामांकन 7,23,537 था और छात्राओं की संख्या 3,71,097, जबकि छात्रों की संख्या 3,52,440 रही। इस तरह स्नातक स्तर पर छात्राएं छात्रों से करीब 18,657 अधिक रहीं। यह अंतर राज्य में बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी की मजबूत तस्वीर पेश करता है।
पांच साल में छात्राओं के नामांकन में करीब 40 हजार की बढ़ोतरी
पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई देती है। स्नातक स्तर पर वर्ष 2019-20 में छात्राओं की संख्या 3,30,828 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 3,71,097 हो गई। यानी करीब 40 हजार की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं, इसी अवधि में छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम रही। आंकड़ों के अनुसार स्नातक स्तर पर छात्रों की संख्या 2019-20 में 3,30,? से बढ़कर 2023-24 में 3,52,440 हुई।
झारखंड टॉप-10 राज्यों में शामिल
उच्च शिक्षा में छात्राओं के कुल नामांकन के मामले में झारखंड देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। सूची में बिहार 13.6 लाख, पश्चिम बंगाल 12 लाख, तेलंगाना 8.7 लाख, हरियाणा 5.5 लाख, केरल 5.4 लाख, पंजाब 4.6 लाख, झारखंड 4.5 लाख, असम 3.7 लाख, छत्तीसगढ़ 3.6 लाख और उत्तराखंड 3.2 लाख छात्राओं के नामांकन के साथ शामिल हैं।
पोस्टग्रेजुएट स्तर पर भी बेटियां आगे
स्नातकोत्तर स्तर पर भी छात्राओं की भागीदारी मजबूत रही। वर्ष 2023-24 में करीब 42,925 छात्राएं नामांकित थीं। इससे साफ है कि झारखंड में बेटियों की भागीदारी सिर्फ स्नातक तक सीमित नहीं है, बल्कि वे उच्च शिक्षा के अगले चरण में भी आगे बढ़ रही हैं। कुल मिलाकर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ये आंकड़े झारखंड में उच्च शिक्षा की बदलती तस्वीर को सामने रखते हैं। छात्राओं का बढ़ता नामांकन राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह बताता है कि बेटियां अब उच्च शिक्षा में अपनी जगह लगातार मजबूत कर रही हैं।


