
जमशेदपुर : राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग करने वालों पर अब प्रशासन की सख्ती और बढ़ने वाली है। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई डिस्ट्रिक्ट हाईवे टास्क फोर्स की बैठक में पारडीह से बालिगुमा तक अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
71 जगहों से हटाया गया अतिक्रमण
बैठक में एनएचएआई के प्रतिनिधि ने बताया कि धालभूमगढ़, घाटशिला और कोकपाड़ा क्षेत्र में हाईवे किनारे 71 अतिक्रमित स्थलों को मुक्त कराया जा चुका है। अब हाईवे के दूसरे हिस्सों में भी अतिक्रमण चिह्नित किया जा रहा है।
उपायुक्त ने पारडीह, डिमना चौक, डांगा और बालिगुमा में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया है। एनएचएआई की जमीन की सीमा भी स्पष्ट रूप से मार्क करने को कहा गया है, ताकि लोगों को पता रहे कि हाईवे की जमीन कहां तक है।
पहले माइकिंग, फिर कार्रवाई; खर्च भी अतिक्रमणकर्ता से
प्रशासन अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित इलाकों में माइकिंग कर लोगों को सूचना देगा और स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की स्थिति में कार्रवाई पर आने वाला खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ता से ही वसूला जाएगा।
अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए हाईवे पर नियमित गश्ती और निरीक्षण भी कराया जाएगा।
अवैध पार्किंग पर भी चलेगा अभियान
राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है। वाहन मालिकों पर लगाए जाने वाले दंड और कार्रवाई की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा, ताकि दूसरे वाहन चालक भी नियमों का पालन करें।
स्पीड गन कैमरे लगाए जाएंगे
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पहले से चिन्हित सात स्थानों पर स्पीड गन कैमरा लगाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही हाईवे पर गति सीमा और नो-पार्किंग को लेकर पर्याप्त और स्पष्ट साइनेज लगाने को कहा गया है।
इसका उद्देश्य तेज रफ्तार और गलत पार्किंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है।
हाईवे पर दिन में तीन बार पानी का छिड़काव
हाईवे पर धूल की समस्या को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश दिया है। संबंधित एजेंसी को दिन में तीन बार पानी का छिड़काव कराने को कहा गया है, ताकि धूल से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी न हो।
हादसा होते ही एंबुलेंस पहुंचेगी
सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल मदद देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हादसे की सूचना मिलते ही एनएचएआई की टीम और एंबुलेंस बिना देरी घटनास्थल पर पहुंचे।
एनएचएआई के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर औसतन हर 32 किलोमीटर की दूरी पर एंबुलेंस तैनात रहती है।
यात्रियों के लिए वे-साइड एमेनिटीज
कोकपाड़ा के समीप मौजा चोईरा में वे-साइड एमेनिटीज का निर्माण किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए भविष्य में तीन अन्य स्थानों पर भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
प्रशासन ने हाईवे पर नियमित निगरानी, अतिक्रमण की रोकथाम, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया।












