
इस दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव में देशभर से आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि, कलाकार और संस्कृति प्रेमी शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए कलाकार पारंपरिक गीत, संगीत, नृत्य और खेलकूद के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष प्रस्तुति दी जाएगी।
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को जोहार ट्रस्ट द्वारा सम्मानित किया जाना होगा। इसके अलावा जोहार आर्ट प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभाशाली बच्चों को भी सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा सहित कई गणमान्य लोग शामिल होंगे।
राष्ट्रीय मागे महोत्सव न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच बनेगा, बल्कि यह आदिवासी समाज की परंपराओं, कला और पहचान को सहेजने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।

