
जमशेदपुर: बर्मामाइन्स थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कंटेनर यार्ड के पास हुए चर्चित गोलीकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त देशी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, एक मैगजीन तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। 2 अगस्त 2026 की रात मो. अफताब आलम पर जान मारने की नीयत से गोली चलाई गई थी। गंभीर रूप से घायल अफताब आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में बर्मामाइन्स थाना कांड संख्या 42/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना के बाद पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में तथा पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) और पुलिस उपाधीक्षक (नगर) की देखरेख में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। गुप्त सूचना के आधार पर 6 अगस्त की रात बर्मामाइन्स थाना क्षेत्र के बंद पड़े बैचिंग प्लांट में छापेमारी कर मुख्य शूटर शहबाज उर्फ मोहम्मद शहबाज उर्फ भोंदू (20) और मोहम्मद रेहान उर्फ अब्दुल रेहान (19) को गिरफ्तार किया गया। इनके साथ मामले के दो प्राथमिक अभियुक्त किशोरों को भी निरुद्ध किया गया। वहीं अनुसंधान के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर शेख रहीम (40), निवासी मयूरभंज, ओडिशा, को चुनाभट्टा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी पिस्तौल, दो जिंदा गोलियां, एक मैगजीन, हीरो कंपनी की दो काली मोटरसाइकिल (JH05EA8066 और JH05BJ2902) बरामद की हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी शहबाज और रेहान दोनों शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ बर्मामाइन्स, सिदगोड़ा तथा परसुडीह थाना में हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। इस मामले में 2 आरोपियों को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है।

