
देवघर: श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ धाम में देशभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेला के शुरुआती 14 दिनों में 28 लाख 33 हजार 634 कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण किया। श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड संख्या का असर मंदिर की आय पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शुरुआती दो सप्ताह में बैद्यनाथ मंदिर की विभिन्न स्रोतों से 3 करोड़ 54 लाख 59 हजार 11 रुपये की आय हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में मंदिर की आय 2 करोड़ 39 लाख 25 हजार 311 रुपये थी। इस तरह इस वर्ष आय में 1 करोड़ 15 लाख 33 हजार 700 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 48.21 प्रतिशत है।
पिछले साल से 4.59 लाख ज्यादा कांवरिये
श्रावणी मेला के शुरुआती 14 दिनों में इस वर्ष 28.33 लाख से अधिक कांवरियों ने बाबा का जलार्पण किया। वहीं, वर्ष 2025 में इसी अवधि में 23 लाख 73 हजार 874 कांवरियों ने पूजा-अर्चना की थी। यानी इस बार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 4.59 लाख अधिक कांवरिये बैद्यनाथ धाम पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में यह बढ़ोतरी देवघर में श्रावणी मेला के बढ़ते आकर्षण और देश के विभिन्न हिस्सों से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को दर्शाती है।
आस्था बढ़ी तो मंदिर की आय भी बढ़ी
कांवरियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी का सीधा असर बैद्यनाथ मंदिर की आय पर पड़ा है। 2025 के शुरुआती 14 दिनों में जहां मंदिर को 2.39 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई थी, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 3.54 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
महज एक वर्ष में शुरुआती दो सप्ताह की आय में एक करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा श्रावणी मेला के आर्थिक महत्व को भी सामने लाता है।
सुगम जलार्पण और सुविधाओं से बढ़ा भरोसा
प्रशासन के अनुसार कांवरियों की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण सुगम जलार्पण व्यवस्था और राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधाएं हैं। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और जलार्पण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना परेशानी बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण कर पा रहे हैं। इसका असर मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही रफ्तार
बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले कांवरियों के कारण देवघर के होटल, धर्मशाला, परिवहन, पूजा सामग्री और स्थानीय बाजार में भी गतिविधियां बढ़ती हैं। श्रावणी मेला हर वर्ष देवघर की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आता है। इस वर्ष शुरुआती 14 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि धार्मिक पर्यटन और आस्था से जुड़ी गतिविधियों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है।
आगे और बढ़ सकता है आंकड़ा
श्रावणी मेला अभी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांवरियों की संख्या और मंदिर की आय दोनों में और वृद्धि होने की संभावना है। शुरुआती 14 दिनों में ही 28.33 लाख से अधिक कांवरियों के जलार्पण और 3.54 करोड़ रुपये से अधिक की आय का आंकड़ा सामने आ चुका है। बाबा बैद्यनाथ धाम में इस बार आस्था का सैलाब सिर्फ भीड़ के आंकड़े में नहीं, बल्कि मंदिर की बढ़ी हुई आय में भी नजर आ रहा है।

