जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक सप्लायर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पहले एनएच-33 किनारे एक गुमटी में गांजा बेच रहे युवक को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बोड़ाम के जोभा गांव में छापेमारी कर कथित सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से कुल 7 किलो 800 ग्राम गांजा, 8,900 रुपये नकद, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और गांजा पैक करने की सामग्री बरामद हुई है। कार्रवाई का खुलासा ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने रविवार को किया। पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई की शाम वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि सिमुलडांगा में NH-33 किनारे काली मंदिर के पास स्थित एक गुमटी से गांजा की पुड़िया बनाकर बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी की निगरानी में पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार और एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
टीम ने गुमटी में छापेमारी कर रौशन कुमार (21) को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 130 ग्राम गांजा, गांजा भरी 60 सिगरेट, पेपर-फिल्टर, गांजा पैक करने वाले प्लास्टिक पैकेट, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और बिक्री से मिले 3,060 रुपये बरामद हुए।
पूछताछ में खुला सप्लायर का राजपुलिस पूछताछ में रौशन ने कथित तौर पर बताया कि वह बोड़ाम के जोभा गांव निवासी शंभू महतो उर्फ साधु (62) से गांजा लेकर आता था। वह सप्ताह में दो से तीन बार मोटरसाइकिल से गांजा लाकर गुमटी से उसकी बिक्री करता था। रौशन से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 26 जुलाई को शंभू महतो उर्फ साधु के घर छापेमारी की। यहां अलग-अलग प्लास्टिक पैकेटों में रखा गांजा और गांजा के बीज बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, जब्त गांजे का कुल वजन 7 किलो 800 ग्राम है। साधु के पास से गांजा बिक्री के 5,840 रुपये भी बरामद किए गए। ग्रामीण एसपी ने बताया कि रौशन के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है और वह इस मामले में जेल जा चुका है। एमजीएम थाना में कांड संख्या 84/2026 दर्ज करते हुए दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(ii) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।


