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नई दिल्ली: यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रश्नपत्रों में बड़ी गलतियां सामने आने के बाद एनटीए ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है। अब इन तीनों विषयों के लिए सितंबर महीने में पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी। खास बात यह है कि इस दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

प्रश्नपत्रों में सामने आई गंभीर खामियां

एनटीए के अनुसार, इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों की जांच के दौरान कई तरह की त्रुटियां पाई गईं। इनमें तथ्यात्मक गलतियों के साथ-साथ टाइपिंग, अनुवाद, भाषा और व्याकरण से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। कुछ प्रश्नों में प्रसिद्ध व्यक्तियों और लेखकों के नाम भी गलत पाए गए। इसके अलावा किताबों के शीर्षक और पुराने प्रश्नों से संबंधित आपत्तियों को भी गंभीर माना गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एजेंसी ने स्वीकार किया कि केवल उत्तर कुंजी में संशोधन करके इन त्रुटियों को ठीक नहीं किया जा सकता। इसी वजह से तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

9 और 10 सितंबर को फिर से होगी परीक्षा

एनटीए द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, अंग्रेजी विषय की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसी दिन कॉमर्स की परीक्षा दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।
वहीं समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कराई जाएगी। परीक्षा केंद्र, शहर और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

उत्तर कुंजी पर भी उठा था विवाद

इससे पहले यूजीसी नेट के कुल 87 विषयों में से 84 विषयों की उत्तर कुंजी जारी की गई थी। उम्मीदवारों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया था। हालांकि तीन विषयों को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद उनकी उत्तर कुंजी को रोक दिया गया था।

अन्य 84 विषयों के परिणाम समय पर जारी होंगे

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की पुनर्परीक्षा का असर बाकी विषयों के परिणामों पर नहीं पड़ेगा। शेष 84 विषयों के नतीजे तय समय पर जारी किए जाएंगे।
हालांकि तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने के फैसले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी अभ्यर्थियों की नजर सितंबर में होने वाली पुनर्परीक्षा और आगामी परिणामों पर टिकी हुई है।

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