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बरवाडीह : प्रखंड मुख्यालय के बाजार और पुराना ब्लॉक परिसर में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज भी या तो अधूरे पड़े हैं या ताले में कैद हैं। नतीजा यह है कि आम जनता, खासकर महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और वे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, बरवाडीह मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। शौचालय आज भी अधूरा और बंद पड़ा है और उपयोग के लायक नहीं है। वहीं, बस स्टैंड परिसर में लगभग तीन वर्ष पूर्व निर्मित शौचालय अब तक शुरू नहीं किया गया है और उस पर ताला लटका हुआ है।
खुले में शौच को विवश है महिलाएं
स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह कागजी विकास का उदाहरण है, जहां कागजों पर योजनाएं पूरी दिखा दी जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधा नदारद रहती है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को हो रही है, जिन्हें मजबूरी में खुले में शौच जाना पड़ रहा है, जो उनकी सुरक्षा और गरिमा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हैरानी की बात यह है कि प्रखंड में कई प्रमुख पदों पर महिलाएं पदस्थापित हैं, इसके बावजूद महिला दुकानदारों और ग्राहकों को इस मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। कई बार शिकायत और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।  इस संबंध में पंचायत के मुखिया कालो देवी ने बताया कि शौचालय में बिजली कनेक्शन नहीं हो पाने की वजह से शौचालय का संचालन नहीं हो पा रहा है, बिजली कनेक्शन कराने के लिए बिचार किया जा रहा है। इधर सांसद प्रतिनिधि सह व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने इस मामले को गंभीर बताते हुए उपायुक्त से जांच की मांग की है।
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