
जमशेदपुर/मुंबई: टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का भारत में कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर करीब 35 प्रतिशत बढ़कर 4,668 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, समेकित (कंसोलिडेटेड) कर पश्चात लाभ 19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,385 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी की समेकित आय पहली तिमाही में 60,794 करोड़ रुपये रही, जबकि EBITDA 9,370 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। भारत में कंपनी की आय 36,989 करोड़ रुपये रही और EBITDA 9,908 करोड़ रुपये रहा। भारत में EBITDA मार्जिन 27 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि प्रति टन EBITDA बढ़कर 19,162 रुपये पहुंच गया।
पहली तिमाही में भारत में कच्चे इस्पात का उत्पादन 5.76 मिलियन टन और डिलीवरी 5.17 मिलियन टन रही। कंपनी ने बताया कि मेरामंडली और कलिंगानगर संयंत्रों में निर्धारित रखरखाव कार्य के कारण उत्पादन और डिलीवरी प्रभावित हुई, लेकिन आने वाली तिमाहियों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
टाटा स्टील ने तिमाही के दौरान 3,579 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (Capex) किया। कंपनी पर शुद्ध कर्ज 84,173 करोड़ रुपये रहा, जबकि समूह की कुल तरलता 45,950 करोड़ रुपये है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) में 4.8 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता विस्तार की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 33,873 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इससे ब्रांडेड लॉन्ग प्रोडक्ट्स और रिटेल बाजार में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी।
टाटा स्टील के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत कंपनी के प्रदर्शन का सबसे मजबूत आधार बना रहा। वहीं, मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा कि बेहतर परिचालन दक्षता और रणनीतिक पहलों के कारण कंपनी ने मजबूत वित्तीय परिणाम हासिल किए हैं।