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जमशेदपुर के साकची स्थित जानकी भवन कुम्हारपाड़ा में अखिल भारतीय तेली साहू महासभा की आमसभा में आज उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब समाज के सदस्यों ने वर्तमान जिला कमेटी के कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बैठक में पारदर्शिता, लेखा-जोखा और नए चुनाव को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। रविवार को आयोजित इस अहम बैठक में बड़ी संख्या में समाज के सदस्य शामिल हुए, जहां एक स्वर में वर्तमान जिला कमेटी के संचालन पर चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि महासभा की जिला इकाई का कार्यकाल संविधान के अनुसार तीन वर्षों का होता है, लेकिन वर्ष 2020 में चुनी गई कमेटी अब छह साल पूरे कर सातवें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्तमान अध्यक्ष राकेश साहू, कोषाध्यक्ष सुरेश साहू और महामंत्री पप्पू साहू द्वारा अब तक किसी भी प्रकार का लेखा-जोखा या ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किया गया है। साथ ही नए चुनाव नहीं कराए जाने और कार्यक्रमों के नाम पर चंदा उगाही जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। इस दौरान आमसभा में सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव के तहत वर्तमान कमेटी को 19 अप्रैल 2026 तक अपनी आय-व्यय की पूरी ऑडिट रिपोर्ट चुनाव संचालन समिति को सौंपने का निर्देश दिया गया। दूसरे प्रस्ताव में चुनाव संचालन समिति का गठन किया गया, जिसमें हरिहर प्रसाद, द्वारिका प्रसाद, विनोद गुप्ता, शशिकांत महाराज, अधिवक्ता जवाहर साहू और प्रमोद साहू को शामिल किया गया। वहीं तीसरे प्रस्ताव के तहत समाज के सदस्यों ने यह भी निर्णय लिया कि जब तक वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान कमेटी को किसी भी प्रकार का चंदा नहीं दिया जाएगा। अब देखना होगा कि तय समयसीमा के भीतर कमेटी अपनी ऑडिट रिपोर्ट पेश करती है या नहीं, और समाज में उठे इन सवालों का क्या समाधान निकलता है। फिलहाल, इस बैठक के बाद महासभा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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