जानकारी के अनुसार, पिछले दो-तीन दिनों से करीब 25 जंगली हाथियों का झुंड बराकर नदी से सटे जंगलों और गांवों के आसपास घूम रहा था। हाथियों की गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीण पहले से ही भय के साये में थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे शंकर पंडित किसी काम से घर से निकले थे। इसी दौरान उनका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। बताया जा रहा है कि हाथियों ने उन्हें दौड़ाकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को सरकार की निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। साथ ही हाथियों की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गौरतलब है कि बराकर नदी से लगे चलकुशा, बरकट्ठा और झारखंड-बिहार सीमा के आसपास के क्षेत्रों में हर साल जंगली हाथियों का झुंड पहुंचता है। इस दौरान फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं भी सामने आती हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी से दूर खदेड़ने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने की मांग की है।


