
रांची: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोल्हान, सारंडा और लातेहार के जंगलों में सक्रिय भाकपा (माओवादी) के 16 नक्सलियों ने मंगलवार को रांची पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें संगठन के कई वरिष्ठ स्तर के कैडर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति का असर अब नक्सली संगठन के भीतर साफ दिखाई देने लगा है। आत्मसमर्पण करने वालों में 11 पुरुष और 5 महिलाएं नक्सली हैं। इनके बीच एक रीजनल कमांडर, तीन जोनल कमांडर, तीन सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये कैडर लंबे समय तक कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगलों में संगठन के लिए काम करते रहे हैं।
15 लाख का इनामी कमांडर भी शामिल
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में संतोष उर्फ बासुदेव दा प्रमुख नाम है। गिरिडीह के पीरटांड़ इलाके के रहने वाले संतोष पर 128 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं खूंटी के अड़की निवासी जोनल कमांडर चंदन लोहरा पर 10 लाख रुपये और लोहरदगा निवासी सब-जोनल कमांडर अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल पर 5 लाख रुपये का इनाम था।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले कैडर भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल के दस्तों से जुड़े रहे हैं। इन्हें कोल्हान-सारंडा के जंगलों की भौगोलिक जानकारी और संगठन की गतिविधियों का अच्छा अनुभव था।
हथियारों का बड़ा जखीरा सौंपा
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस को 6 INSAS राइफल, 2 AK-47, एक HK-33, एक US कार्बाइन और एक M-16 राइफल समेत हथियार सौंपे। इसके साथ 38 मैगजीन और 1,562 जिंदा कारतूस भी जमा किए गए।
पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में 15 झारखंड के अलग-अलग जिलों से हैं, जबकि एक नक्सली ओडिशा के सुंदरगढ़ का रहने वाला है। वहीं इसी नेटवर्क से जुड़े 8 अन्य नक्सलियों के छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया चल रही है। इनमें बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर में सक्रिय तीन पुरुष और पांच महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत चल रहे संयुक्त अभियान और पुनर्वास नीति से नक्सली संगठन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
इन्होंने किया आत्मसर्पण
संतोष उर्फ वासुदेव दा उर्फ गांधी उर्फ दिलीप उर्फ संजय महतो उर्फ वासुदेव उर्फ श्याम
संतोष मांझी उर्फ जगबंधु
चंदन लोहरा
जयकांत मुंडा उर्फ बंगाली
राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा
अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल
सुखलाल बिरजिया उर्फ अकेला
सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम होनहागा उर्फ सोना
एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा
देवान मुर्मू उर्फ शनिचर
सुमित्रा सुरीन
चंपा मंझियाईन उर्फ गुड़िया
रिसिव
सालमी मुंडा उर्फ पारुल
मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन
सीता मुंडा
