
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री ने अपने बड़े भाई और वरिष्ठ साथी सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। देर रात निधन की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने भावुक संदेश जारी करते हुए कहा कि इस दुखद समाचार को स्वीकार कर पाना उनके लिए बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि सोनू भैया का जाना उनके जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
‘सिर्फ राजनीतिक साथी नहीं, बड़े भाई की तरह थे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू उनके लिए केवल वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि बड़े भाई की तरह थे। वे स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति थे।
उन्होंने कहा कि सोनू भैया के साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनके साथ रहेंगी। उनके निधन को मुख्यमंत्री ने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी की बड़ी क्षति बताया।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा सोनू भैया का सफर
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के झारखंड आंदोलन से जुड़े संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौर से ही सोनू भैया स्मृति-शेष बाबा दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में सोनू कुमार ने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया।
‘झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रहेगा’
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंडियत के प्रति सुदिव्य कुमार सोनू का समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी। उनके संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बने रहेंगे।
शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने जिंदगी की क्षणभंगुरता का जिक्र करते हुए कहा कि कल तक जो आवाज उनके बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। यह एहसास उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।
‘आप हमेशा याद आएंगे भैया…’
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि सोनू भैया का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी। उन्होंने कहा कि सोनू कुमार का स्नेह, उनका संघर्ष और झारखंड के लिए उनकी प्रतिबद्धता वे जीवनभर अपने साथ लेकर चलेंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा-आप हमेशा याद आएंगे भैया…











