
जमशेदपुर : करीब छह वर्षों से पर्यावरणीय स्वीकृति के इंतजार में अटका धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है। जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर एयरपोर्ट की लंबित पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) का मुद्दा उठाया। केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य सरकार से जरूरी दस्तावेज मिलते ही मंत्रालय प्राथमिकता के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।
11 महीने से जरूरी दस्तावेज का इंतजार
बैठक में सांसद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पिछले करीब 11 महीनों से आवश्यक दस्तावेज नहीं भेजे जाने के कारण प्रस्ताव अटका हुआ है। उन्होंने आग्रह किया कि दस्तावेजों में यदि कोई कमी है तो प्रस्ताव को वापस भेजने के बजाय सीधे राज्य सरकार से आवश्यक जानकारी मंगाई जाए।
केंद्रीय मंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए दस्तावेज मिलते ही पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। बैठक में मौजूद वन महानिदेशक सुशील अवस्थी ने बताया कि पीसीसीएफ झारखंड एटी मिश्रा के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज मंगाकर परीक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
2020 में एलीफेंट कॉरिडोर बना था अड़चन
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के विकास की आधारशिला जनवरी 2019 में करीब ₹100 करोड़ की लागत से रखी गई थी। हालांकि, वर्ष 2020 में पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने प्रस्तावित क्षेत्र को एलीफेंट कॉरिडोर से प्रभावित बताते हुए वन स्वीकृति पर रोक लगा दी थी। इसके बाद से परियोजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पत्राचार चलता रहा और एयरपोर्ट का काम आगे नहीं बढ़ सका।
अब केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद लंबे समय से अटकी परियोजना को लेकर नई उम्मीद जगी है।
हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए ₹500 करोड़ की योजना
बैठक में चाकुलिया और आसपास के क्षेत्रों में हाथी-मानव संघर्ष का मुद्दा भी उठाया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में हाथी संरक्षण तथा मानव-हाथी संघर्ष कम करने के लिए करीब ₹500 करोड़ की योजना तैयार की जा रही है।
इसके लिए चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त अंतरराज्यीय समन्वय बैठक भी जल्द बुलाई जाएगी।
जंगलों में पार्क-रिसॉर्ट निर्माण पर सख्ती
सांसद के सुझाव पर वन महानिदेशक ने यह भी आश्वासन दिया कि हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके आवागमन के रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों में अव्यवहारिक पार्क और रिसॉर्ट निर्माण पर सख्ती की जाएगी।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट की पर्यावरणीय मंजूरी का रास्ता अब राज्य सरकार द्वारा जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पर टिका है। दस्तावेज मिलने के बाद केंद्र की ओर से प्रक्रिया तेज करने के आश्वासन ने जमशेदपुर में लंबे समय से एयरपोर्ट का इंतजार कर रहे लोगों की उम्मीद बढ़ा दी है।










