
पटना : बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला पटना जंक्शन का है, जहां कोतवाली थाना पुलिस ने इंदौर एक्सप्रेस से पहुंची बीए की एक छात्रा और उसके कथित सहयोगी को बड़ी मात्रा में शराब के साथ हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवती दानापुर की निवासी है और पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी भी कर रही थी। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और अदालत के निर्णय के बाद ही होगी।
संदेह होने पर पुलिस ने रोका
रिपोर्ट के मुताबिक, पटना जंक्शन पर सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर युवती की गतिविधियों पर पड़ी। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह कथित रूप से वहां से तेजी से निकलने लगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे एक युवक के साथ पकड़ लिया। दोनों के पास मौजूद बैग और अन्य सामान की जांच की गई।
बैग से बरामद हुई शराब की खेप
तलाशी के दौरान पुलिस को उनके सामान से भारी मात्रा में शराब मिली। प्रारंभिक पूछताछ में युवती ने कथित रूप से बताया कि वह बनारस से इंदौर एक्सप्रेस के माध्यम से शराब की खेप पटना लेकर आई थी। बरामद शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 14 हजार रुपये बताया गया है। पुलिस ने जब्त सामान को अपने कब्जे में लेते हुए दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो हजार रुपये देने का हुआ था वादा
पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, युवती को शराब की खेप पहुंचाने के बदले केवल दो हजार रुपये देने का प्रस्ताव मिला था। कथित रूप से इसी लालच में उसने सामान पटना पहुंचाने की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब किस व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी और पटना में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।
नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस
जांच एजेंसी को आशंका है कि मामले के पीछे शराब तस्करों का संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो कम पैसों का लालच देकर युवाओं और यात्रियों का इस्तेमाल करता है। पुलिस बनारस से पटना तक जुड़ी संभावित कड़ियों, मोबाइल संपर्कों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर सावधान करती है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के प्रलोभन में उठाया गया गलत कदम पढ़ाई, करियर और भविष्य को गंभीर संकट में डाल सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति का बैग या पैकेट लेकर यात्रा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।











