
रांची : झारखंड के शहरों की हवा को लेकर जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राज्य की राजधानी रांची स्वच्छ हवा के मामले में धनबाद से काफी पीछे रह गई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में धनबाद को 17वां स्थान, रांची को 27वां और जमशेदपुर को 37वां स्थान मिला है। यानी रैंकिंग में धनबाद ने रांची से 10 और जमशेदपुर से 20 पायदान बेहतर प्रदर्शन किया है।
धनबाद ने रांची को पछाड़ा
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जारी सर्वेक्षण में शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों, उनकी प्रभावशीलता और परिणामों का आकलन किया गया।
रांची को सर्वेक्षण में 162.5 अंक मिले, जबकि धनबाद ने 174.5 अंक हासिल किए। वहीं औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को 147.3 अंक मिले और वह 37वें स्थान पर रही।
यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषण को लेकर अक्सर धनबाद और जमशेदपुर जैसे शहर चर्चा में रहते हैं। इसके बावजूद इस सर्वेक्षण की रैंकिंग में धनबाद ने राजधानी रांची से बेहतर प्रदर्शन किया है।
48 शहरों की एक श्रेणी में रैंकिंग
इस बार 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों को एक ही श्रेणी में शामिल किया गया। रैंकिंग तय करने के लिए केवल तालिका में दिए क्रम को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि शहरों के लिए अलग से ‘रैंक’ दर्ज की गई है।
सर्वेक्षण में लखनऊ 198 अंक के साथ पहले, इंदौर 197 अंक के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा 192-192 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे।
जमशेदपुर की स्थिति ने चौंकाया
झारखंड के तीन प्रमुख शहरों में जमशेदपुर का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। 147.3 अंक के साथ जमशेदपुर 37वें स्थान पर रहा। वहीं धनबाद 174.5 अंक के साथ 17वें और रांची 162.5 अंक के साथ 27वें स्थान पर रही।
हालांकि, रैंकिंग को शहर की हवा की गुणवत्ता का अकेला पैमाना मानना उचित नहीं होगा। सर्वेक्षण में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों और उनके प्रभाव समेत कई पहलुओं का आकलन किया गया है।
रांची के तीन वार्डों ने दिखाई बेहतर तस्वीर
पूरे शहर की रैंकिंग भले ही 27वीं रही हो, लेकिन रांची नगर निगम के कुछ वार्डों का प्रदर्शन राहत देने वाला है। वार्ड 26, 29 और 15 को सबसे स्वच्छ वार्डों में शामिल किया गया।
राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-29 शामिल हुआ, जबकि 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-26 ने जगह बनाई।
सवाल भी खड़े करती है रैंकिंग
वार्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के बावजूद पूरे शहर की 27वीं रैंक यह सवाल जरूर खड़ा करती है कि जिन क्षेत्रों में स्वच्छ वायु और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय प्रभावी रहे हैं, उन्हें रांची नगर निगम के दूसरे इलाकों में कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।
धनबाद का रांची से आगे निकलना और जमशेदपुर का 37वें स्थान पर रहना झारखंड के शहरी वायु प्रदूषण प्रबंधन की तस्वीर पर नई बहस शुरू कर सकता है।











