
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। जिले के कुल 60 स्वास्थ्य केंद्रों को मॉडर्न सेंटर के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), शहरी स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध कराना है। इसके लिए मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
इन 8 मानकों पर होगा स्वास्थ्य केंद्रों का विकास
स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक बनाने के लिए आठ प्रमुख मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मानव संसाधन की दक्षता, दवा एवं उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता, मजबूत बुनियादी ढांचा, मरीजों के अधिकार एवं संतुष्टि और सुदृढ़ प्रबंधन व्यवस्था शामिल हैं।
इन मानकों के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों की कमियों को चिन्हित किया जाएगा और प्राथमिकता के अनुसार उन्हें दूर करने की दिशा में काम होगा।
कायाकल्प और NQAS की कसौटी पर तैयारी
जिले के इन 60 स्वास्थ्य केंद्रों को कायाकल्प अवार्ड और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। कायाकल्प के तहत अस्पतालों के रख-रखाव, स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष जोर रहेगा।
वहीं, NQAS के मानकों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और संस्थागत व्यवस्थाओं को बेहतर एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
मरीजों को सीधे मिलेगा बड़ा फायदा
स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिक बनने का सबसे बड़ा लाभ आम मरीजों को मिलने की उम्मीद है। प्राथमिक स्तर पर जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत होने से छोटी बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को जिला अस्पताल या बड़े चिकित्सा संस्थानों की ओर भागदौड़ कम करनी पड़ेगी।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का समय और अतिरिक्त खर्च बच सकता है। साथ ही बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम करने में भी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों की बेहतर व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नजदीक मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर तक मजबूत करना है। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर प्रबंधन, पर्याप्त दवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता से स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
डॉ. साहिर पाल, सिविल सर्जन के अनुसार, जिले के 60 स्वास्थ्य केंद्रों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का काम चल रहा है। लक्ष्य है कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा सकें।
खास बात
60 स्वास्थ्य केंद्र + 8 गुणवत्ता मानक + कायाकल्प/NQAS की तैयारी = स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बड़ी पहल।











