
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। राज्य सरकार गुरुवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं कॉलेज प्रशासन तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। सरकार ने विधेयक को पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाया है।
प्रोफेसरों और कर्मचारियों के तबादले का प्रावधान
प्रस्तावित विधेयक में राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों के अंतर-विश्वविद्यालय तबादले का प्रावधान किया गया है। लंबे समय से कोलकाता और अन्य बड़े शहरों के पुराने विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को नए विश्वविद्यालयों में भेजने की व्यवस्था भी इसमें शामिल है।
यह व्यवस्था केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों पर भी लागू होगी। सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालयों के बीच मानव संसाधन का संतुलन बनाने के साथ नई संस्थाओं को अनुभवी शिक्षकों और कर्मचारियों का लाभ पहुंचाना बताया जा रहा है।
‘एक राज्य, एक शिक्षा व्यवस्था’ की ओर कदम
विधेयक के जरिए सरकार ‘एक राज्य, एक शिक्षा व्यवस्था’ की नीति लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत अब तक अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के अधीन रहे आलिया विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाने का प्रस्ताव है।
आलिया विश्वविद्यालय अधिनियम, 2007 विधानसभा से पारित हुआ था और 5 अप्रैल 2008 से प्रभावी हुआ था। नए संशोधन के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
तबादले पर उठ रहे सवाल
विश्वविद्यालयों के स्वायत्त संस्थान होने के कारण उनके शिक्षक, अधिकारी और शिक्षाकर्मी सीधे सरकारी कर्मचारी नहीं होते। ऐसे में विधेयक में प्रस्तावित तबादला व्यवस्था को लेकर शिक्षा जगत में सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि तबादले आपसी सहमति से होंगे या सरकार को सीधे निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा।
विधानसभा में विधेयक पेश होने के बाद इन प्रावधानों की तस्वीर और स्पष्ट होगी। विशेष सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चलेगा।
11 सितंबर से विदेश दौरे पर जाएंगे विधानसभा अध्यक्ष
इधर, विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस 11 सितंबर से दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाएंगे। केपटाउन में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स में वे हिस्सा लेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में करीब 80 लोगों का भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में शामिल होगा।
दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद उनका अगला पड़ाव अमेरिका और ब्रिटेन होगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि विदेश दौरे के दौरान प्रवासी बंगालियों से बंगाल में निवेश करने की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल का विकास केवल उद्योगों से नहीं, बल्कि संस्कृति और कला के क्षेत्र में भी होना चाहिए।











