जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर और आसपास के लोगों के लिए हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के कलाइकुंडा वायुसेना स्टेशन पर आम यात्रियों और माल ढुलाई के लिए सिविल एन्क्लेव बनाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद जमशेदपुर समेत पश्चिमी सिंहभूम, खड़गपुर और मेदिनीपुर क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए नई सुविधा मिल सकती है।
10.113 हेक्टेयर जमीन के हस्तांतरण को मंजूरी
कोलकाता के अरण्य भवन में आयोजित प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी (PSC) की बैठक में खड़गपुर वन प्रमंडल की 10.113 हेक्टेयर यानी करीब 25 एकड़ वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव को तकनीकी सुधारों की शर्त के साथ अनुमति दी गई है। यही जमीन सिविल एन्क्लेव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उड़ान-3 के तहत बनेगा सिविल एन्क्लेव
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) केंद्र सरकार की आरसीएस-उड़ान 3 योजना के तहत इस सिविल एन्क्लेव का निर्माण करेगा। योजना के अनुसार कलाइकुंडा 150 किलोमीटर के दायरे में दूसरा एयरपोर्ट नहीं होने के मानक पर भी खरा उतरता है।
सबसे खास बात यह है कि यहां केवल छोटे विमानों तक सुविधा सीमित नहीं रहने वाली। प्रस्ताव के मुताबिक 72 सीटों वाले ATR विमानों के साथ 180 सीटों वाले Airbus A-320 जैसे बड़े विमान भी नियमित उड़ान भर सकेंगे।
जमशेदपुर से दिल्ली-मुंबई की राह होगी आसान
कलाइकुंडा से जमशेदपुर की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते करीब 90 किलोमीटर बताई गई है। यानी लगभग डेढ़ से दो घंटे के सफर के बाद जमशेदपुर के यात्रियों को एयरपोर्ट की सुविधा मिल सकेगी।
लंबे समय से सोनारी एयरपोर्ट की सीमित उड़ानों पर निर्भर जमशेदपुर के उद्योगपतियों, कारोबारियों, छात्रों और मरीजों के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानों की संभावना बढ़ेगी।
कार्गो टर्मिनल से उद्योगों को सीधा फायदा
प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव में आधुनिक कार्गो टर्मिनल भी विकसित किया जाएगा। इससे जमशेदपुर, आदित्यपुर ऑटोमोबाइल क्लस्टर और खड़गपुर के विद्यासागर इंडस्ट्रियल पार्क की औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
भारी मशीनरी, ऑटो पार्ट्स और दूसरे औद्योगिक उत्पादों को देश-विदेश तक भेजने में समय और परिवहन लागत दोनों कम हो सकती हैं। इससे औद्योगिक कारोबार को गति मिलने के साथ दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
सोनारी एयरपोर्ट के बाद नया विकल्प
कलाइकुंडा सिविल एन्क्लेव की योजना आगे बढ़ती है तो जमशेदपुर के लिए यह सिर्फ एक नया एयरपोर्ट विकल्प नहीं होगा, बल्कि बड़े विमानों और बेहतर हवाई संपर्क का नया रास्ता खोल सकता है। अब सबसे बड़ी नजर परियोजना के अगले चरण जमीन हस्तांतरण, निर्माण और उड़ान संचालन की समयसीमा पर रहेगी।











