
नई दिल्ली : जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का मिश्रित प्रदर्शन देखने को मिला। स्क्वॉश खिलाड़ी अभय सिंह ने पुरुष एकल में रजत पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। वहीं, भारतीय पुरुष और महिला रिकर्व तीरंदाजी टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। हालांकि बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग और सेपक टकरा में भारत को निराशा झेलनी पड़ी।
स्क्वॉश फाइनल में अभय को मिला रजत
पुरुष स्क्वॉश एकल के फाइनल में अभय सिंह का सामना मलेशिया के इवान यू से हुआ। प्रतियोगिता में शानदार लय के साथ फाइनल तक पहुंचे अभय से स्वर्ण पदक की उम्मीद थी, लेकिन निर्णायक मुकाबले में वह अपनी जीत का सिलसिला कायम नहीं रख सके। मलेशियाई खिलाड़ी ने 3-0 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अभय को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
रिकर्व तीरंदाजी में बड़ी सफलता
तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक की उम्मीद मजबूत की। पुरुष रिकर्व टीम ने क्वार्टर फाइनल में चीन को 5-1 से पराजित करते हुए अंतिम चार में प्रवेश किया। महिला रिकर्व टीम ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और चीनी ताइपे को 6-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। दोनों टीमों के प्रदर्शन ने भारत के लिए पदक की नई संभावनाएं जगा दी हैं।
बैडमिंटन में सिंधु और उन्नति बाहर
महिला बैडमिंटन एकल में भारत को बड़ा झटका लगा। स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु को क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यू फेई ने 11-21, 21-18 और 21-10 से शिकस्त दी। सिंधु ने पहला गेम जीता, लेकिन अगले दोनों गेम में चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। उन्नति हुड्डा भी जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ तीन गेम तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में हार गईं। यामागुची ने यह मुकाबला 16-21, 21-14 और 21-17 से जीतकर कांस्य पदक सुनिश्चित किया।
वेटलिफ्टिंग और सेपक टकरा में निराशा
महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में हरजिंदर कौर नौवें स्थान पर रहीं। उन्होंने स्नैच में 94 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 110 किलोग्राम वजन उठाया। सेपक टकरा महिला डबल्स में भारत को फिलीपींस के खिलाफ 0-2 से हार मिली। ग्रुप चरण में यह भारत की लगातार दूसरी पराजय रही।
पदक तालिका सुधारने का मौका
दिन की शुरुआत में भारत चार स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में दसवें स्थान पर था। अब तीरंदाजी सहित अन्य मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन और पदकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद है।












