
धनबाद : मेहनत को सम्मान और भविष्य को नई दिशा देने के संदेश के साथ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय का तीसरा दीक्षांत समारोह शुक्रवार को आयोजित हुआ। विश्वविद्यालय के एकेडमिक परिसर में हुए कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के लिए कुल 31,926 डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 104 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
डिग्री के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और योग्यता का उपयोग समाज की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहें, बल्कि अपनी क्षमताओं से रोजगार के अवसर भी पैदा करें। स्थानीय समस्याओं के समाधान में भागीदारी निभाएं और अपने कार्यों से पहचान बनाएं। उन्होंने परिवार का सम्मान करने, अपनी जड़ों से जुड़े रहने और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से झारखंड का गौरव बढ़ाने तथा जहां भी जाएं, विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे ले जाने की अपील की। उन्होंने सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रखने और ईमानदारी व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।
स्नातक से शोध तक उपलब्धियों को मिला सम्मान
समारोह में प्रदान की गई कुल डिग्रियों में स्नातक की 22,691, स्नातकोत्तर की 3,674 और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की 5,561 डिग्रियां शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त 45 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विभिन्न श्रेणियों के 149 श्रेष्ठ विद्यार्थियों और टॉपर्स को मंच से सम्मानित किया गया। इनमें तीन बेस्ट स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के 14, स्नातकोत्तर के 52 और स्नातक के 34 संकाय टॉपर्स शामिल थे। गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनकी शैक्षणिक मेहनत की विशेष पहचान बना।
पहली डी.लिट. और जयराम महतो की पीएचडी रही खास
विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार प्रदान की गई डी.लिट. उपाधि अर्थशास्त्र विभाग की ममता कुमारी को दी गई। डुमरी विधायक जयराम महतो को अंग्रेजी विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने उन्हें मंच से बधाई भी दी। बेस्ट पोस्टग्रेजुएट का सम्मान गणित विभाग की अंजली प्रकाश को सत्र 2022–24 और नेहा कुमारी को सत्र 2023–25 के लिए मिला। एसएस कॉलेज, चास, बोकारो की वनस्पति विज्ञान की छात्रा कुमारी रिंकू को सत्र 2021–24 के लिए बेस्ट ग्रेजुएट का पुरस्कार प्रदान किया गया।
शिक्षा को सामूहिक प्रयास बनाने पर जोर
कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और आधारभूत संरचना का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा को समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से आगे बढ़ने वाला प्रयास बताया। कार्यक्रम में कुलसचिव राधा त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं। वंदे मातरम और जन गण मन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित किया और विश्वविद्यालय की स्मारिका का विमोचन किया। सम्मान और प्रेरणा से भरा यह आयोजन विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दे गया।












