
जमशेदपुर : सोनारी हवाई अड्डे से व्यावसायिक उड़ानों का परिचालन बंद होने के बाद वहां तैनात सुरक्षा बलों को भी वापस बुला लिया गया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने सोनारी एयरपोर्ट की सुरक्षा में प्रतिनियुक्त सभी 75 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को वापस बुलाने का निर्देश दिया है। सभी को सोमवार सुबह 10 बजे तक रांची स्थित विशेष शाखा मुख्यालय में योगदान देने को कहा गया था। इस फैसले के बाद सोनारी एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव हुआ है।
उड़ानें बंद होने के बाद लिया गया फैसला
सोनारी एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का परिचालन बंद होने के बाद वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था भी समेट ली गई। विशेष शाखा ने सुरक्षा में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मियों को वापस बुलाते हुए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जमशेदपुर के डीएसपी को सौंपी है। इसके अलावा एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी को सुरक्षा संबंधी प्रभार विधिवत सौंपने और जवानों को उपलब्ध कराए गए उपकरण संबंधित विभाग में जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
31 जनवरी 2023 को शुरू हुई थी हवाई सेवा
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत सोनारी एयरपोर्ट से 31 जनवरी 2023 को इंडिया वन एयर ने नौ सीटों वाले विमान से व्यावसायिक उड़ान सेवा शुरू की थी। जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए विमान सेवा संचालित होती थी। इससे शहर के यात्रियों को दोनों शहरों तक पहुंचने का वैकल्पिक हवाई मार्ग मिला था।
हालांकि, वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत मिलने वाली सब्सिडी समाप्त होने और अतिरिक्त आर्थिक सहायता नहीं मिलने के कारण कंपनी ने घाटे का हवाला देते हुए सेवाएं बंद कर दीं। इससे पहले कोलकाता की उड़ानें बंद हुई थीं और 31 अगस्त से भुवनेश्वर की उड़ान भी बंद हो गई।
जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी पर असर
सोनारी एयरपोर्ट से उड़ानें बंद होने के बाद जमशेदपुर के यात्रियों के सामने दूसरे शहरों तक पहुंचने के विकल्प सीमित हुए हैं। खासकर व्यावसायिक यात्रियों और कम समय में कोलकाता या भुवनेश्वर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अब सुरक्षा बलों की वापसी के बाद एयरपोर्ट की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में उड़ान सेवा बहाल होने की संभावनाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना भी लंबित
जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना की चर्चा लंबे समय से होती रही है, लेकिन यह परियोजना अब तक लंबित है। ऐसे में सोनारी एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें बंद होने और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की वापसी से क्षेत्र में हवाई सेवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है।












