
धालभूमगढ़ : पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ प्रखंड की रावताड़ा पंचायत में दो सगी बहनों की हत्या से सनसनी फैल गई। सोमवार को सामने आई इस घटना में दोनों महिलाओं के भाई स्वरूप टुडू पर कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप है। वारदात के बाद आरोपित स्वयं धालभूमगढ़ थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना को अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े संदेह से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या के वास्तविक कारण की जांच जारी है।
पूजा-पाठ में शामिल होने के लिए बुलाया था
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वरूप ने रात में गांव में पूजा-पाठ के लिए ओझा-गुनी को बुलाया था। उसने अपनी दोनों बहनों को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। बताया जा रहा है कि पूजा समाप्त होने के बाद दोनों महिलाएं सो रही थीं। इसी दौरान उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी की पड़ताल कर रही है।
दोनों महिलाओं की पहचान हुई
मृतकों की पहचान लगभग 50 वर्षीय लक्ष्मी मुंडी और लगभग 52 वर्षीय दुलारी सोरेन के रूप में हुई है। लक्ष्मी की शादी धालभूमगढ़ प्रखंड के बासाझोर में हुई थी, जबकि दुलारी का विवाह घाटशिला प्रखंड के चड़ईगोड़ा में हुआ था। दोनों बहनें भाई के बुलावे पर पूजा-पाठ में शामिल होने पहुंची थीं। उनकी हत्या की खबर मिलने के बाद गांव में घटना को लेकर चर्चा और चिंता का माहौल है।
मौके पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आरोपित के थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। जांच में हत्या के कारणों और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अंधविश्वास की आशंका, कारण अभी स्पष्ट नहीं
थाना प्रभारी धीरज कुमार के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे अंधविश्वास था या आरोपित की मानसिक स्थिति से जुड़ा कोई कारण। मानसिक स्थिति संबंधी पहलू की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकती है। पुलिस के सामने अभी कई सवाल हैं। पूजा-पाठ के आयोजन, बहनों को बुलाने और उसके बाद हुए हमले से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
जागरूकता को अधिक प्रभावी बनाने की मांग
पूर्व मुखिया शरबत मुर्मू ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अंधविश्वास और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं, फिर भी ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं। उनके अनुसार, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।












