
धनबाद : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में 99 पदों पर हुई भर्ती विवादों में घिर गई है। चयन सूची से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि लिखित परीक्षा में अधिक अंक पाने वालों को दरकिनार कर कम अंक वाले उम्मीदवारों को चुना गया। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद की बेटी प्रज्ञा के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने मामले की जांच करने को कहा है।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची शिकायत
करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया के खिलाफ लिखित शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और जिला प्रशासन को भेजी है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लिखित परीक्षा, कंप्यूटर टेस्ट और साक्षात्कार के अंकों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने अलग-अलग चरणों में मिले अंक जारी करने की मांग की है, ताकि चयन सूची का आधार स्पष्ट हो सके।
11 अंक वाले का चयन, अधिक अंक वालों के बाहर होने का आरोप
विवाद का प्रमुख हिस्सा पोस्टकोड 12, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर की भर्ती है। शिकायत में कहा गया है कि रविकांत झा को लिखित परीक्षा में 20 में से 11 अंक मिले, फिर भी उनका चयन हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कंप्यूटर टेस्ट और साक्षात्कार में मनमाने अंक देकर उन्हें आगे किया गया। कार्तिक ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि लिखित परीक्षा में 19 अंक हासिल करने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ। उनके अनुसार, प्रज्ञा को 17 और रविकांत को 11 अंक मिले थे। उन्होंने कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता और अनिवार्य ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े विवरण पर भी सवाल उठाए हैं।
नियम बदलने और अंक छिपाने की शिकायत
अभ्यर्थी रमेश पंडित का कहना है कि अंतिम परिणाम में लिखित परीक्षा, कंप्यूटर टेस्ट और साक्षात्कार के अलग-अलग अंक नहीं बताए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विज्ञापन में जानकारी दिए बिना कंप्यूटर टेस्ट लिया गया।bरमेश प्रजापति ने भी शिकायत की है कि 11 अंक पाने वाले उम्मीदवार का चयन हुआ, जबकि 16 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बाहर रखा गया। शिकायतकर्ताओं ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
रिश्तेदार के चयन पर निष्पक्षता का सवाल
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी की बेटी भर्ती में शामिल होने के बावजूद परीक्षा और स्किल टेस्ट उनकी निगरानी में हुए। उनका कहना है कि रिश्तेदार के आवेदन करने की स्थिति में अधिकारी को चयन प्रक्रिया से अलग होना चाहिए था। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कई श्रेणियों में हुई है बहाली
कुल 99 पदों में एएनएम के 23, स्टाफ नर्स के 28, फार्मासिस्ट के 20 और सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर के सात पद शामिल हैं। अन्य श्रेणियों में डेटा मैनेजर, रेडियोग्राफर, तकनीकी सुपरवाइजर और लैब तकनीशियन के पद हैं। फिलहाल शिकायतों के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए हैं, गड़बड़ी पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।












