
चौका : सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में 17 जंगली हाथियों के झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार देर रात गांवों के आसपास पहुंचे हाथियों ने खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया। किसानों को नुकसान पहुंचाने के बाद झुंड काशीड़ीह जंगल में डेरा जमाए हुए है। हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधान रहने की अपील की है और उन्हें सुरक्षित तरीके से क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए विशेष दस्ता लगाया है।
रात में खेतों तक पहुंचा झुंड
ईचागढ़ क्षेत्र के बाद हाथियों का यह झुंड चौका थाना क्षेत्र में पहुंचा है। शनिवार रात हाथियों ने चांडुडीह और आसपास के इलाके में खेतों को नुकसान पहुंचाया। झुंड के गांवों के करीब आने से लोगों में डर का माहौल है। फसल की क्षति के साथ ग्रामीणों के सामने अपनी सुरक्षा की चिंता भी खड़ी हो गई है। हाथियों के जंगल में मौजूद रहने के कारण आसपास के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वन विभाग उनकी आवाजाही पर नजर रख रहा है, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।
तीन किसानों की धान की फसल को नुकसान
चांडुडीह पहुंचे हाथियों ने चंद्रमोहन महतो, अर्जुन महतो और ताराचंद मांझी के खेतों में लगी धान की फसल रौंद दी। इससे संबंधित किसानों को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसल के क्षतिग्रस्त होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। घटना के बाद हाथियों का झुंड काशीड़ीह जंगल की ओर चला गया और वहीं ठहरा हुआ है। गांवों के आसपास इतनी बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। ग्रामीणों को झुंड के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल का विशेष दस्ता तैनात
क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी पर वन विभाग सतर्क है। झुंड को सुरक्षित तरीके से इलाके से बाहर खदेड़ने के लिए पश्चिम बंगाल के विशेष दस्ते को लगाया गया है। विभाग का प्रयास है कि हाथियों को हटाने की प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों और वन्यजीवों की सुरक्षा बनी रहे। हाथियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और झुंड को देखकर उसके नजदीक नहीं जाने को कहा है। विशेष दस्ते की तैनाती के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
रात में जंगल और खेतों की ओर न जाएं
वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने की अपील की है। हाथियों को देखने के लिए उनके पास पहुंचना खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल किसानों की फसल को हुए नुकसान और झुंड के गांवों के करीब ठहरने से चिंता बनी हुई है। वन विभाग की निगरानी और विशेष दस्ते की कार्रवाई के बीच ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा गया है।












