
- रॉक गार्डन के पास से कार में बैठाने की शिकायत, टेल्को राम मंदिर के पास छोड़कर भागने का आरोप
- पिता की शिकायत पर तीन नामजद समेत चार युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
जमशेदपुर : टेल्को थाना क्षेत्र में ट्यूशन पढ़ने निकली एक नाबालिग छात्रा को कार में बैठाकर कई घंटे तक घुमाने का मामला सामने आया है। छात्रा के पिता की शिकायत के अनुसार, चार युवकों ने उसे रॉक गार्डन के पास से कार में बैठाया और शहर के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए हाईवे की ओर ले गये। आरोप है कि करीब चार घंटे तक कार में घुमाने के बाद युवक उसे टेल्को स्थित राम मंदिर के पास छोड़कर फरार हो गये। घटना 14 अक्टूबर की शाम की बतायी जा रही है। मामले में छात्रा के पिता ने टेल्को थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ट्यूशन के लिए निकली, देर तक घर नहीं लौटी
जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर की शाम छात्रा अपने घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। निर्धारित समय पर उसके घर नहीं लौटने से परिजन चिंतित हो गये। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार के लोगों ने अपने स्तर से उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर खोजबीन के बावजूद छात्रा का पता नहीं चल पाया। इसी बीच रात करीब नौ बजे वह टेल्को स्थित राम मंदिर के पास मिली। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, छात्रा को कार में ले जाने के दौरान क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रॉक गार्डन के पास कार में बैठाने का आरोप
पीड़िता के पिता की शिकायत के मुताबिक, छात्रा को टेल्को के रॉक गार्डन के पास कार में बैठाया गया था। इसके बाद आरोपी उसे शहर और हाईवे के विभिन्न हिस्सों में घुमाते रहे। शिकायत में करीब चार घंटे तक कार में रखने का आरोप लगाया गया है। अंत में छात्रा को टेल्को राम मंदिर के पास छोड़ दिया गया। घटना के दौरान छात्रा किन-किन स्थानों पर गयी और कार में उसके साथ क्या हुआ, इन बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर पुलिस की जांच और संबंधित साक्ष्यों से ही सामने आयेगी।
तीन नामजद और एक अज्ञात युवक पर केस
घटना के बाद छात्रा के पिता ने टेल्को थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर टेल्को निवासी नोवान सिराजी, राजा चौबे, क्षितिज और एक अन्य अज्ञात युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पिता ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
नाबालिग छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। पुलिस के लिए घटना की समय-सीमा, कार की पहचान, आरोपितों की भूमिका और छात्रा के बयान जैसे पहलुओं की जांच अहम होगी। सीसीटीवी फुटेज या अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने पर उनसे भी घटनाक्रम की पुष्टि में मदद मिल सकती है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर छात्रा के पिता की शिकायत और प्राथमिकी में लगाये गये आरोप ही सामने आये हैं। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।












