
रांची : धुर्वा थाना क्षेत्र में योगदा सत्संग कॉलेज के सामने स्थित एक झोपड़ी से 28 वर्षीय पवन सिंह का शव मिलने के बाद उसकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक की बहन प्रीति कुमारी ने भाई की हत्या की आशंका जताते हुए उसकी कथित प्रेमिका सीमा देवी और अन्य लोगों के खिलाफ जांच की मांग की है। बहन के अनुसार, पवन की गर्दन पर धारदार हथियार से चोट पहुंचाए जाने जैसे निशान थे। हालांकि, मौत का कारण और आरोपों की सत्यता पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच से स्पष्ट होगी।
दो दिन से बंद था मोबाइल, फिर मिली अनहोनी की खबर
गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के नागफेनी गांव निवासी प्रीति के मुताबिक, उनका भाई पवन धुर्वा में कॉलेज के सामने एक झोपड़ी में किराये पर रहता था। उसका मोबाइल फोन 14 अक्टूबर से बंद आ रहा था। शुक्रवार, 16 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे चचेरे भाई ने फोन करके वहां एक युवक का शव मिलने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर प्रीति अपने पड़ोसी मनीष कुमार के साथ सुबह करीब 11 बजे रिम्स पहुंचीं। वहां उन्होंने शव की पहचान अपने भाई पवन सिंह के रूप में की।
शरीर पर चोट के निशान होने का दावा
प्रीति ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि पवन के चेहरे पर सूजन थी और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने शरीर के निजी हिस्से पर भी चोट होने का दावा किया है। इन चोटों की प्रकृति और उनका मौत से संबंध चिकित्सकीय जांच से ही तय हो सकेगा। बहन ने आशंका जताई कि पवन की मौत शव मिलने से एक या दो दिन पहले हुई होगी। फिलहाल यह परिजन का अनुमान है; मृत्यु का समय भी जांच के बाद स्पष्ट होगा।
साथ रहने के दबाव और विवाद का आरोप
प्रीति का आरोप है कि पहले से विवाहित सीमा देवी उनके भाई पर साथ रहने का दबाव बनाती थीं और उसके साथ मारपीट भी करती थीं। उनके अनुसार, शुरुआती दिनों में पवन और सीमा, सीमा की बहन श्यामा देवी के पास जगन्नाथपुर में रहते थे। प्रीति ने बताया कि आठ अक्टूबर की शाम करीब छह बजे उन्होंने पवन को सीमा के साथ जगन्नाथपुर में देखा था। उनका दावा है कि दोनों के बीच बातचीत और आपसी संबंधों को लेकर विवाद होता रहता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या पुलिस का निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है।
अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग
प्रीति ने सीमा और उनके अन्य साथियों की संभावित भूमिका की जांच करने तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को संबंधित मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराने की बात कही है। पवन का फोन बंद होने, अंतिम बार देखे जाने और शरीर पर कथित चोटों से जुड़े सवालों के जवाब जांच से मिलेंगे। फिलहाल किसी व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित नहीं मानी जा सकती।












