
- दिवंगत रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए राज्य के विभिन्न इलाकों से पहुंचे लोग, मुख्यमंत्री ने मेहमानों से मिलकर जताया आभार; भोजन, पेयजल, यातायात और स्वच्छता के लिए किए गए विशेष इंतजाम
रामगढ़ : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां दिवंगत रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म और संस्कार भोज में शामिल होने के लिए रविवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में हजारों लोग पहुंचे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों के बीच मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए। उन्होंने मेहमानों से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया और दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने के लिए सभी का आभार जताया।
मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन के निधन के बाद से ही नेमरा में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में व्यापक तैयारियां की गईं। आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए भोजन, पेयजल, यातायात और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया।

मेहमानों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
संस्कार भोज में शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए गांव के प्रवेश द्वार पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री के आवास तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, ताकि लोगों को पैदल लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़े।

मुख्य मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए भी इंतजाम किए गए। सड़क पर जाम की स्थिति से बचने के लिए कई स्थानों पर डिवाइडर लगाए गए, जबकि पुलिसकर्मियों की तैनाती कर आवागमन को सुचारु रखने की व्यवस्था की गई।

गांव में साफ-सफाई के लिए रामगढ़ नगर परिषद के सफाईकर्मियों को लगाया गया। साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए पेयजल और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई।
एक साथ हजारों लोगों के भोजन की व्यवस्था

संस्कार भोज में आने वाले लोगों के लिए विशाल भोजन मंडप बनाया गया। यहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग बैठकर भोजन कर सकें, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई। मेहमानों को गर्मी से राहत देने के लिए ठंडे पेयजल का इंतजाम किया गया। चाय की व्यवस्था भी रखी गई।
सरकारी सेवकों के लिए अलग भोजन स्थल बनाया गया, ताकि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को भोजन करने में परेशानी नहीं हो। लोगों की सुविधा के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया।
खुद मेहमानों से मिलकर जताया आभार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेमरा पहुंचने वाले लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सभी का अभिवादन करते हुए दुख की इस घड़ी में साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया। मां के निधन के बाद परिवार के प्रति संवेदना जताने और संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे लोगों के प्रति उन्होंने कृतज्ञता प्रकट की।
संस्कार भोज में बाबा रामदेव सहित कई लोगों के पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। वहीं, राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से लोगों का नेमरा पहुंचना जारी रहा।
सामाजिक विधि-विधान में शामिल हुए सोमेश सोरेन
दिवंगत रूपी सोरेन के संस्कार भोज में परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भी शामिल हुए। पूर्व शिक्षा मंत्री दिवंगत रामदास सोरेन के पुत्र और घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन भी अपनी मां और बहन के साथ नेमरा पहुंचे। उन्होंने सामाजिक विधि-विधान में हिस्सा लिया।
इस दौरान कोल्हान प्रमंडल सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए नेताओं और अन्य लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रशासन की भी रही सक्रियता
बड़ी संख्या में लोगों के आगमन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। यातायात प्रबंधन, सफाई, पेयजल और सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष तैयारी की गई, ताकि संस्कार भोज में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री की मां दिवंगत रूपी सोरेन के संस्कार भोज के दौरान नेमरा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं मेहमानों से मुलाकात कर उनका आभार जताया, जबकि लोगों की सुविधा के लिए गांव में व्यापक इंतजाम किए गए।












