
- छोटा गोविंदपुर में 51 फीट, बागुनहातु में 30 फीट और साकची में 16 फीट ऊंचे रावण के पुतले का होगा दहन; कहीं भव्य आतिशबाजी तो कहीं निकलेगा विजय जुलूस।
जमशेदपुर : बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी इस बार जमशेदपुर में खास उत्साह के साथ मनाई जाएगी। शहर के विभिन्न इलाकों में रावण दहन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। छोटा गोविंदपुर, बागुनहातु और साकची में होने वाले आयोजनों में अलग-अलग ऊंचाई के रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र होंगे। कहीं 51 फीट का विशालकाय रावण जलाया जाएगा, तो कहीं आतिशबाजी और भव्य विजय जुलूस के साथ पर्व मनाया जाएगा।
छोटा गोविंदपुर में 51 फीट का रावण बनेगा आकर्षण
छोटा गोविंदपुर स्थित श्रीश्री वीर कुंवर सिंह मैदान में रावण दहन समारोह का आयोजन किया जाएगा। श्रीश्री वीर कुंवर सिंह मैदान रावण दहन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 51 फीट ऊंचा रावण का पुतला होगा। इसे भव्य रूप देने के लिए पश्चिम बंगाल के कारीगर जुटे हुए हैं।
आयोजन के दौरान ओडिशा से आने वाली आतिशबाजी टीम भी अपने हुनर का प्रदर्शन करेगी। समिति की ओर से दर्शकों की सुविधा के लिए बैठने और सुरक्षा की व्यवस्था की जा रही है। 21 अक्टूबर की शाम होने वाला यह आयोजन शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
बागुनहातु में एक घंटे तक होगी आतिशबाजी
बागुनहातु फुटबॉल मैदान में इस वर्ष 32वें सार्वजनिक रावण दहन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यहां 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। इसे अंतिम रूप देने में कारीगर पिछले कई दिनों से जुटे हुए हैं।
आयोजन समिति के अनुसार, रावण दहन से पहले एक घंटे तक आतिशबाजी की जाएगी। शाम 7:30 बजे कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले करेंगे। इस बार पर्यावरण का ध्यान रखते हुए आवाज वाले पटाखों के बजाय रंग-बिरंगी फुलझड़ियों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
साकची में 104 साल पुरानी परंपरा
साकची स्थित रामलीला मैदान में रामलीला उत्सव समिति की ओर से रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां वर्ष 1922 से रामलीला और रावण दहन की परंपरा चली आ रही है।
विजयादशमी पर यहां 16 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इससे पहले शाम सात बजे भव्य विजय जुलूस निकाला जाएगा। इस आयोजन में धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
तीनों जगहों पर अलग-अलग होगा आकर्षण
जमशेदपुर में रावण दहन के ये तीनों आयोजन अपनी अलग पहचान रखते हैं। छोटा गोविंदपुर में 51 फीट के विशाल पुतले को देखने का आकर्षण रहेगा। बागुनहातु में आतिशबाजी कार्यक्रम की खासियत होगी, जबकि साकची में वर्षों पुरानी रामलीला परंपरा के साथ विजय जुलूस निकाला जाएगा।
विजयादशमी का पर्व लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक उत्सव मनाया जाता है। आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को भीड़ और यातायात को ध्यान में रखते हुए समय से पहुंचने तथा आयोजन समितियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।












