
- दक्षिण पूर्व रेलवे की पहल, यात्री सुविधाओं और साफ-सफाई पर मांगे जाएंगे सुझाव; समस्याओं के आधार पर चिह्नित होंगे सुधार के क्षेत्र
जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन समेत दक्षिण पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अपनी समस्याएं और सुझाव रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलने जा रहा है। दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से 22 अक्टूबर को रेल जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान रेलवे अधिकारी यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुनेंगे। इसका उद्देश्य स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना और साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार करना है।
यात्रियों से इन मुद्दों पर मांगे जाएंगे सुझाव
रेल जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यात्री स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, बैठने की सुविधा और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रख सकेंगे। इसके अलावा रेल सेवाओं से संबंधित सुझाव और शिकायतें भी अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। यात्रियों से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर उन स्थानों और सुविधाओं की पहचान की जाएगी, जहां सुधार की जरूरत है।
सुझावों के आधार पर तय होगी सुधार की प्राथमिकता
रेलवे की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और रेल प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करना है। यात्रियों से सीधे बातचीत करने से अधिकारियों को स्टेशन पर आने-जाने वाले लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर सुविधाओं में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने की दिशा में काम किया जाएगा। रेलवे की कोशिश है कि यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
रेल जनसंवाद के बाद चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
रेल जनसंवाद कार्यक्रम के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। यह अभियान रेलवे के विशेष अभियान 6.0 का हिस्सा है। इसके तहत स्टेशन परिसर की सफाई, ई-कचरे और अनुपयोगी सामान का उचित निपटान तथा उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाएगा। सार्वजनिक उपयोग वाले स्थानों की स्वच्छता और स्टेशन परिसर को व्यवस्थित रखने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
छोटे-बड़े सभी स्टेशनों पर यात्रियों से संवाद की पहल
दक्षिण पूर्व रेलवे के चारों मंडलों के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर रेल जनसंवाद आयोजित करने की योजना है। प्रमुख स्टेशनों पर वरिष्ठ रेल अधिकारी कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे, जबकि अन्य स्टेशनों पर संबंधित शाखा अधिकारी, नामित अधिकारी और स्टेशन प्रबंधक जिम्मेदारी संभालेंगे। इस व्यवस्था के जरिए छोटे और बड़े स्टेशनों पर यात्रियों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
यात्रियों की भागीदारी से बेहतर होंगी सुविधाएं
रेलवे की इस पहल में यात्रियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है। स्टेशन पर रोजाना आने-जाने वाले यात्री वहां की साफ-सफाई और सुविधाओं की स्थिति से सीधे जुड़े होते हैं। ऐसे में उनके सुझावों से समस्याओं की पहचान करने और सुधार की प्राथमिकताएं तय करने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि जनसंवाद के दौरान यात्रियों की ओर से कौन-कौन से प्रमुख मुद्दे उठाए जाते हैं और उन पर रेलवे प्रशासन किस तरह कार्रवाई करता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सवाल
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आपको सबसे ज्यादा परेशानी किस बात से होती है? क्या स्टेशन पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था में सुधार की जरूरत है? रेल जनसंवाद के दौरान यात्री इन मुद्दों को अधिकारियों के सामने रख सकते हैं।












