
सिमडेगा : युवाओं को पहले मुफ्त में नशा देकर उसकी आदत लगाना और फिर उन्हें अवैध खरीद-बिक्री से जोड़ना—सिमडेगा पुलिस की कार्रवाई में ऐसे ही एक कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। केलाघाघ डैम के समीप बुधराटोली में छापेमारी कर पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सिमडेगा और गुमला के युवक शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के आपूर्ति स्रोत और अन्य संपर्कों की पड़ताल कर रही है।
छापेमारी में ब्राउन शुगर और मोबाइल बरामद
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मौके से 8.3 ग्राम ब्राउन शुगर, 10 मोबाइल फोन, एक वजन मशीन, दो लाइटर और 150 पारदर्शी प्लास्टिक पाउच बरामद किए गए। बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में नशीले पदार्थ की खरीद, छोटी पुड़ियों में पैकिंग और बिक्री से जुड़ी जानकारियां मिलने का दावा किया गया है। वरीय पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि 19 अक्टूबर को मिली सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। इसी टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की और आरोपियों को पकड़ा।
तीन हजार रुपये प्रति ग्राम खरीदने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में कुछ आरोपियों द्वारा गुमला निवासी दीपक कुमार से करीब तीन हजार रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदने की बात सामने आई है। इसके बाद उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में बांटकर कथित तौर पर 500 रुपये प्रति पुड़िया बेचा जाता था। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि नशीले पदार्थ की आपूर्ति कहां से होती थी और बिक्री का दायरा किन इलाकों तक फैला था। पुलिस इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी तलाश रही है। फिलहाल पूछताछ में सामने आई बातों की जांच जारी है।
लत लगने के बाद कारोबार से जोड़ने का आरोप
इस मामले में युवाओं को नशे की ओर खींचने का कथित तरीका भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में कुछ युवाओं को बिना पैसे लिए नशा उपलब्ध कराया जाता था। आदत पड़ने के बाद उन्हें अपनी जरूरत पूरी करने के लिए पुड़ियां खरीदनी पड़ती थीं। पुलिस का कहना है कि पैसे की कमी होने पर कुछ युवा खुद भी इसकी खरीद-बिक्री में शामिल हो जाते थे। इसी आधार पर नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों को जोड़कर जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
पूर्व मामले की जानकारी, अभिभावकों से अपील
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार विवेक साहू पहले भी ब्राउन शुगर से जुड़े एक मामले में जेल जा चुका है। ताजा कार्रवाई में 20 अक्टूबर को एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान देने तथा उन्हें नशे के दुष्परिणाम समझाने की अपील की है। साथ ही नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की जानकारी मिलने पर नजदीकी थाने को सूचित करने का आग्रह किया गया है।












