
चाईबासा : चाईबासा–चक्रधरपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पासाहातु चौक के समीप बस की चपेट में आने से 45 वर्षीय साइकिल सवार रसिका हेंब्रम की मौके पर मौत हो गई। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा तथा सरकारी सहायता देने की मांग करते हुए एनएच-75 जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं।
सड़क पार करते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पासाहातु गांव निवासी रसिका हेंब्रम मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे साइकिल से मुख्य सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान चाईबासा से चक्रधरपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि रसिका हेंब्रम बुरी तरह घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी जान चली गई। हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से निकल गया। दुर्घटना की खबर गांव पहुंचते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पासाहातु चौक पर जुट गए।
परिवार को सहायता देने की मांग पर अड़े ग्रामीण
रसिका हेंब्रम की अचानक मौत से परिजनों में शोक और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। मौके पर जुटे लोगों ने प्रशासन तथा बस मालिक के प्रति आक्रोश जताया। उनकी मांग थी कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए और सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाए। इन्हीं मांगों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर आवागमन रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार की मदद को लेकर ठोस पहल जरूरी है। इस दौरान शव को सड़क से हटाने का भी विरोध किया गया, जिससे स्थिति संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जाम से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सड़क अवरुद्ध होने के कारण चाईबासा–चक्रधरपुर मार्ग पर छोटी-बड़ी गाड़ियां फंस गईं। दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लगने से यात्रियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में स्कूल बसों और एंबुलेंस के भी फंसने की जानकारी सामने आई। तेज धूप के बीच लंबे इंतजार ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। लगभग तीन घंटे तक मार्ग बाधित रहने से इस प्रमुख सड़क पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।
पुलिस ने समझाया, मदद का दिया भरोसा
जाम की सूचना पर मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस की कोशिश रही कि लोगों की मांग सुनने के साथ सड़क पर यातायात भी बहाल कराया जा सके।अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी नियमों के अनुसार हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। हालांकि, ग्रामीण ठोस मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पुलिस लगातार बातचीत और स्थिति नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी रही।












